भौम प्रदोष व्रत की कथा
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यह सुनकर वृद्धा तुरंत बाहर आई और आदरपूर्वक बोली “महाराज, बताइए आपके लिए क्या कर सकती हूँ?” साधु वेश में हनुमान जी बोले “मैं भूखा हूं। भोजन करना चाहता हूं। पहले थोड़ी जमीन लीप दो।” वृद्धा असमंजस में पड़ गई और हाथ जोड़कर बोली “महाराज, मिट्टी लीपना मेरे बस की बात नहीं है। कृपया कोई और सेवा बताएं, मैं जरूर करूंगी।”