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Pradosh Vrat 2025: भाद्रपद माह का पहला प्रदोष कब है? जानें तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

Wed, 13 Aug 2025 12:14 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाद्रपद का आरंभ 10 अगस्त से हो चुका है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस महीने का पहला प्रदोष व्रत किस दिन रखा जाएगा।  
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Pradosh Vrat 2025 - फोटो : freepik
Pradosh Vrat 2025: हिंदू पंचांग में भाद्रपद का महीना अत्यंत पावन और शुभ माना जाता है। यह मास भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित माना गया है। भाद्रपद माह में कृष्ण जन्माष्टमी, राधा अष्टमी और गणेश चतुर्थी जैसे मुख्य त्योहार मनाए जाते हैं। हर माह की तरह इस महीने की कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इसमें महादेव और माता पार्वती की भक्ति से आराधना की जाती है और व्रत धारण किया जाता है। भाद्रपद का आरंभ 10 अगस्त से हो चुका है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस महीने का पहला प्रदोष व्रत किस दिन रखा जाएगा।  

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भाद्रपद मास का पहला प्रदोष व्रत - फोटो : adobe stock
भाद्रपद मास का पहला प्रदोष व्रत
इस वर्ष भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत बुधवार को पड़ ऱहा है, जिसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। मान्यता है कि इस श्रद्धा के साथ व्रत करने पर इच्छित फल प्राप्त होते हैं और व्यापार से जुड़ी अड़चनें भी दूर होती हैं। इस दिन शिव परिवार की पूजा कर साधक को आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

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प्रदोष व्रत की तिथि  - फोटो : adobe stock
प्रदोष व्रत की तिथि 
भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 20 अगस्त को दोपहर 01:58 बजे होगा और इसका समापन 21 अगस्त को दोपहर 12:44 बजे होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत 20 अगस्त को मनाया जाएगा। 

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पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : adobe stock
पूजा का शुभ मुहूर्त
इस दिन पूजा के लिए प्रदोष काल का समय शाम 06:56 बजे से रात 09:07 बजे तक रहने वाला है। इस समय में स्नान-ध्यान के बाद महादेव व माता पार्वती की विधिवत पूजा, आरती और मंत्रजप किया जाता है। 

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20 अगस्त- पंचांग विवरण - फोटो : freepik
20 अगस्त- पंचांग विवरण
सूर्योदय – सुबह 05:53 बजे
सूर्यास्त – शाम 06:56 बजे
ब्रह्म मुहूर्त – 04:25 से 05:09 बजे तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02:35 से 03:27 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06:56 से 07:17 बजे तक
निशिता मुहूर्त – रात 12:03 से 12:46 बजे तक



 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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