भड़ली नवमी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
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भड़ली नवमी का महत्व
पौराणिक मान्यता के अनुसार जब भगवान विष्णु शयनावस्था में होते हैं तब कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। भगवान विष्णु योग निद्रा में जाने से पहले भड़ली नवमी का दिन भक्तों को देते हैं ताकि वह अपने बचे हुए शुभ कार्य इस दिन कर लें। भड़ली नवमी किसी भी धार्मिक कार्य के लिए आखिरी दिन होता है। इसके बाद कोई भी शुभ नहीं किए जाते हैं। इसके बाद एक दिन बाद देवशयनी एकादशी से चतुर्मास लग जाते हैं।