मां सरस्वती
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता की उत्पत्ति का उद्देश्य इस ब्रह्माण्ड को वाणी और ज्ञान देना था। कहते हैं जिनकी जिव्हा पर सरस्वती देवी का वास होता है, वे ज्ञान और विद्या के धनी होते हैं। इनके बिना एक मनुष्य का जीवन अंधकारमय होता है। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती पूजन और व्रत करने से वाणी मधुर होती है, स्मरण शक्ति तीव्र होती है और विद्या में कुशलता प्राप्त होती है। वसंत का सीधा सा अर्थ है सौन्दर्य, शब्द का सौन्दर्य, वाणी का सौंदर्य, प्रकृति का सौंदर्य, प्रवृत्ति का सौंदर्य, वसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, बुद्धि और नए आरंभ का दिव्य संकेत है।