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Basant Panchami 2026: जनवरी में कब है वसंत पंचमी? जानें सरस्वती पूजा की तिथि और पूजा विधि

Tue, 06 Jan 2026 04:08 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Basant Panchami 2026: मां सरस्वती की आराधना के लिए वसंत पंचमी का दिन सबसे शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में वसंत पंचमी का पर्व किस दिन मनाया जाएगा और इस दिन सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है। 
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वसंत पंचमी 2026 - फोटो : Amar Ujala
Basant Panchami 2026 Date And Time: वसंत पंचमी को मां सरस्वती की आराधना का सबसे शुभ पर्व माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और विद्या के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। देवी सरस्वती को बुद्धि, वाणी और शिक्षा की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि उनकी कृपा से अध्ययन में सफलता और बौद्धिक विकास होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में वसंत पंचमी का पर्व किस दिन मनाया जाएगा और इस दिन सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है। 

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वसंत पंचमी क्यों मानी जाती है विशेष? - फोटो : instagram
वसंत पंचमी क्यों मानी जाती है विशेष?
वसंत पंचमी का दिन सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। इसी कारण इसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, जिसमें बिना पंचांग देखे नए कार्य शुरू किए जा सकते हैं। इस दिन विवाह, विद्यारंभ संस्कार, उपनयन संस्कार और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
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वसंत पंचमी 2026 कब है? - फोटो : adobe stock
वसंत पंचमी 2026 कब है?
वसंत पंचमी का पर्व माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। दृक पंचांग के अनुसार इस साल पंचमी तिथि का प्रारम्भ 23 जनवरी 2026 को रात 02:28 बजे होगा और इसका समापन 24 जनवरी 2026 को रात 01:46 बजे होगा। ऐसे में वसन्त पञ्चमी 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त
सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त इस दिन सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा

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वसंत ऋतु का स्वागत पर्व - फोटो : adobe stock
वसंत ऋतु का स्वागत पर्व
प्राचीन काल से ही वसंत पंचमी को प्रकृति के सौंदर्य और उल्लास से जुड़ा पर्व माना गया है। इस समय पेड़-पौधों पर नई कोपलें और फूल खिलने लगते हैं। खेतों में सरसों की पीली फसल, आम के बौर और गुलाबी ठंडक वातावरण को मनमोहक बना देती है। वसंत पंचमी नई फसल, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इस ऋतु में न केवल प्रकृति, बल्कि मानव मन और स्वास्थ्य में भी नई ऊर्जा का संचार होता है।
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वसंत पंचमी की पूजा विधि - फोटो : adobe stock
वसंत पंचमी की पूजा विधि
  • वसंत पंचमी के दिन प्रातःकाल उठकर सबसे पहले धरती माता को प्रणाम करें। 
  • इसके बाद स्नान कर पीले रंग के वस्त्र धारण करें, क्योंकि पीला रंग समृद्धि, ज्ञान और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। 
  • मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र को गंगाजल से शुद्ध कर पीले या सफेद वस्त्र अर्पित करें। 
  • इसके बाद चंदन, हल्दी, केसर, रोली, अक्षत, फल और फूल अर्पित करें। 
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वसंत पंचमी की पूजा विधि - फोटो : adobe stock
  • मां को बूंदी के लड्डू, दही और हलवे का भोग लगाएं। 
  • विद्यार्थी अपनी किताबें, कॉपी और पेन मां शारदे के चरणों में रखकर 108 बार “ॐ ऐं ऐं ऐं महासरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करें। 
  • मान्यता है कि इससे बुद्धि का विकास होता है और शिक्षा में सफलता मिलती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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