Baisakhi 2026: आज यानी14 अप्रैल को बैसाखी का त्योहार मनाया जा रहा है। यह दिन धार्मिक के साथ-साथ ज्योतिष दृष्टि से भी बेहद प्रभावशाली रहने वाला है। आइए इसके महत्व को जानते हैं।
Baisakhi 2026: जब भी सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब मेष संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इसी पावन अवसर पर बैसाखी का उत्सव भी मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, आज यानी 14 अप्रैल 2026 को बैसाखी मनाई जा रही है। आज सुबह 9:38 पर सूर्य का मेष राशि में गोचर होगा। ज्योतिष दृष्टि से यह समय बेहद शुभ और प्रभावशाली रहने वाला है, क्योंकि मेष सूर्य की उच्च राशि है और इसलिए उनका यहां गोचर देश-दुनिया के लिए सकारात्मक ऊर्जा और कई बदलाव लेकर आ सकता है। धार्मिक ग्रंथों की मानें, सिख परंपरा में इसे नव वर्ष यानी पंजाबी नव वर्ष की शुरुआत के रूप में भी देखा जाता है। इसलिए यह दिन नई शुरुआत, संकल्प और नए अवसरों का प्रतीक है। आइए इसके धार्मिक महत्व को जानते हैं।
धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, बैसाखी न केवल खुशियों का दिन है, बल्कि यह दिन रबी की फसल के पकने की खुशी में भी मनाया जाता है। कहते हैं कि, इस दिन किसान उगाई हुई फसल को पाकर खुश होते हैं और ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इसलिए इसे फसल उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।
बता दें, बैसाखी के शुभ अवसर पर देशभर के गुरुद्वारों में विशेष पाठ का आयोजन किया जाता है। वहीं कुछ जगहों पर बैसाखी का मैला भी देखने को मिलता है। यहां सभी भांगड़ा और गिद्दा जैसे पारंपरिक नृत्य करते हुए इस पर्व को मनाते हैं। साथ ही लोकगीत गाकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।