Gupt Navratri
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1- काली
सभी 10 महाविद्याओं में माँ काली को प्रथम रूप माना जाता है। सिद्धि प्राप्त करने के लिए माता के इस रूप की पूजा की जाती है। इनकी साधना से विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है।
मंत्र-
माँ काली को ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा के मंत्र जप से प्रसन्न किया जा सकता है।
2- मां तारा
सर्वप्रथम महर्षि वशिष्ठ ने देवी तारा की आराधना की थी। यह तांत्रिकों की मुख्य देवी हैं। देवी के इस रूप की आराधना करने पर आर्थिक उन्नति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। परेशनियों को दूर करने के कारण इन्हें तारने वाली माता तारा कहा जाता है।
मंत्र-
तारा मां को प्रसन्न करने के लिए ऊँ ह्नीं स्त्रीं हुम फट' मंत्र का जाप कर सकते हैं।
3- त्रिपुर सुंदरी
इन्हें ललिता, राज राजेश्वरी और त्रिपुर सुंदरी भी कहते हैं। त्रिपुरा में स्थित त्रिपुर सुंदरी का शक्तिपीठ है। यहां पर माता की चार भुजा और 3 नेत्र हैं। इनकी पूजा से धन, भोग, ऐश्वर्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
मंत्र-
ऐ ह्नीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नम:
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