भगवान विष्णु
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आषाढ़ मास का महत्व
कृषि प्रधान देश होने के नाते, किसानों के लिए यह माह खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी (देवशयनी एकादशी) 6 जुलाई से भगवान विष्णु चार मास के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि को 'चातुर्मास' कहा जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और तपस्या का विशेष महत्व होता है। यह माह आत्मशुद्धि, दान-पुण्य और तपस्या के लिए उत्तम माना जाता है। इस दौरान की गई साधना और पूजा-पाठ का फल कई गुना अधिक मिलता है।