शास्त्रों के अनुसार एकादशी को 'हरी दिन'और 'हरी वासर'के नाम से भी जाना जाता है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी के नाम से जानी जाती है। जो इस वर्ष 14 मार्च,सोमवार को मनाई जाएगी। एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान श्रीविष्णु की पूजा-आराधना करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। महान पुण्यदायिनी इस एकादशी पर आप कुछ धार्मिक उपाय करके भगवान विष्णु को प्रसन्न कर सकते हैं। ऐसा करने से लक्ष्मी पति श्रीहरि विष्णु आपकी सभी मनोकामना को पूरा करेंगे।