Shukra Pradosh Vrat 2026 Date: सनातन परंपरा में प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है, लेकिन जब यह व्रत अधिक मास और शुक्रवार के संयोग में आता है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन को शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है, जो भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अधिक मास स्वयं में ही आध्यात्मिक दृष्टि से पवित्र और दुर्लभ समय होता है, जिसे भगवान विष्णु और महादेव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर माना गया है। ऐसे में इस अवधि में आने वाला शुक्र प्रदोष व्रत भक्तों के लिए खास फलदायी माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार अधिक मास में प्रदोष व्रत किस दिन रखा जाएगा।