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Nag Panchami 2018: नागपंचमी आज, इन 5 कारणों से मनाया जाता है यह त्यौहार

Tue, 14 Aug 2018 10:35 AM IST
धर्म डेस्क,अमर उजाला
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श्रावण शुक्ल पंचमी का दिन नागपंचमी पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस बार आजादी के दिन यानी 15 अगस्त को नागपंचमी का पर्व है। सनातन परंपरा में नागों की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से उनकी कृपा मिलती और सर्प से किसी भी प्रकार की हानि का भय दूर हो जाता है। पुराणों में नाग पंचमी मनाने के पीछे कई मान्यताएं प्रचलित है। 
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ऐसी मान्यता है कि श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि को समस्त नाग वंश ब्रह्राजी के पास अपने को श्राप से मुक्ति पाने के लिए मिलने गए थे। तब ब्रह्राजी ने नागों को श्राप से मुक्ति किया था, तभी से नागों का पूजा करने की परंपरा चली आ रही है।
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एक दूसरी कथा भी प्रचलित है जहां पर ब्रह्राजी ने धरती का भार उठाने के लिए नागों को शेषनाग से अलंकृत किया था तभी से नाग देवता की पूजा की जाती है।

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 इसके अलावा भगवान कृष्ण ने सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को कालिया नाग का वध करके समस्त गोकुल वासियो की जान बचाई थी।
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nag - फोटो : nag
एक अन्य मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन में वासुकि नाग को रस्सी के रूप में प्रयोग किया गया था। इस कारण से भी नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
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वहीं एक अन्य मान्यता के अनुसार एक किसान के दो बेटे और पुत्री थी, एक दिन हल चलाते समय उसने सांप के 3 बच्चों को रौंदकर मार डाला, नागिन बच्चों के दुख में बहुत दुखी हुई, उसने बदला लेने के लिए रात को जाकर किसान की पत्नी और उसके दोनो बेटों को डस लिया फिर अगले दिन वह उसकी बेटी को डंसने गई तो किसान की बेटी ने उसे दूध पिलाया तथा अपने माता-पिता को माफ करने के लिए प्रार्थना की। नागमाता प्रसन्न हुई तथा उसने सभी को जीवन दान दे दिया।
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