हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पच्छाद क्षेत्र की कथाड़ पंचायत के भुरेश्वर महादेव मंदिर में तीन गांवों की विवाहिताओं के मंदिर प्रवेश पर लगी रोक बरकरार रहेगी। मंदिर कमेटी ने बैठक का आयोजन कर इस पर फैसला लिया है। बैठक में कमेटी की ओर से मंदिर पुजारी पर किसी तरह का अंकुश नहीं लगाने का निर्णय लिया गया है।
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कमेटी पदाधिकारियों ने कहा कि इस मंदिर में हर वर्ग की महिलाओं को आने की छूट है। लेकिन पानवा, कथाड़ और पजेली गांवों की विवाहित महिलाओं पर पबर मंदिर में आने की पाबंदी जारी रखी जाएगी।
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कमेटी सदस्यों ने कहा कि मान्यता अनुसार मंदिर में इन गांवों की विवाहित महिलाएं प्रवेश नहीं करतीं। गांवों की बेटियां प्रवेश करती हैं। वहीं, लोग किसी भी पुजारी को देवता के लेकर घर ले जा सकते हैं।
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इस दौरान मंदिर कमेटी ने यह भी साफ किया कि जो पुजारी लगातार विधि विधान से कार्य करता रहेगा व आस्था के साथ भुरेश्वर महादेव के साथ जुड़ेगा, उसके लिए भी कमेटी बाधा नहीं बनेगी।
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लेकिन यदि किसी व्यक्ति ने भुरेश्वर महादेव की आस्था के साथ खिलवाड़ व बाधा पहुंचाने की कोशिश की तो उसके मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी जाएगी।
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इस अवसर पर भुरेश्वर महादेव के पुजारी पंडित वेद शर्मा, पंडित डा. मनोज शर्मा व प्रेमपाल शर्मा ने भी अपने विचार प्रकट किए। धनवीर सिंह ने भी अपनी बात कही। मंदिर कमेटी के प्रधान मदन मोहन अत्री ने कहा कि यदि पुजारी अपने कार्य को सही ढंग से करता रहेगा तो उसमें कमेटी एतराज नहीं करेगी।
बैठक में शिला पर छलांग लगाने की प्रथा हर वर्ष चलाने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर मंदिर कमेटी के उपप्रधान रोशल लाल शर्मा, कोषाध्यक्ष शरण दत्त शर्मा, सचिव देव स्वरूप समेत कमेटी के कई सदस्य मौजूद रहे।