फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

विज्ञापन
1 of 10
आंखें नहीं फिर भी ऐसा मुकाम हासिल किया कि सबके लिए मिसाल बन गया उमेश। मन की आंखों से दृष्टिहीन उमेश ने इतिहास रच दिया। रिपोर्ट: नरेंद्र एस कंवर, फोटो: नरेश भारद्वाज
विज्ञापन

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

2 of 10
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के दृष्टिहीन छात्र उमेश लुबाना ने दिसंबर 2014 में नेट की परीक्षा पास करने के बाद इस बार यूजीसी की जेआरएफ परीक्षा ओपन कैटेगरी में भी इतिहास रचा है। एचपीयू के इतिहास में अब तक किसी दृष्टिहीन छात्र ने यह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की थी। राजनीति शास्त्र विषय में लुबाना ने 63.43 अंकों के साथ जेआरएफ परीक्षा पास की है।
विज्ञापन

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

3 of 10
पीजी कर रहे लुबाना की डिग्री पूरी होते ही उनको पीएचडी में सीधा प्रवेश मिल जाएगा। उमेश की इस उपलब्धि पर विवि के राजनीति विभाग में वीरवार को जश्न मनाया गया। उमंग फाउंडेशन की तरफ से करवाए गए जश्न में राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष सहित शोध छात्रों और उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव मौजूद रहे।

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

4 of 10
आंखों की रोशनी न होने के बावजूद लुबाना ने महज 22 साल की उम्र में इतिहास रचा है।
विज्ञापन

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

5 of 10
उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने कहा कि विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश चौहान ने उमेश लुबाना को मिठाई खिला कर बधाई दी। प्रो. रमेश चौहान ने उमेश लुबाना की तारीफ की।
विज्ञापन

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

6 of 10
लुबाना मूलत: सिरमौर जिले की पांवटा साहिब तहसील के गांव कोलर के रहने वाले हैं। विवि में राजनीति शास्त्र में तीसरे सत्र के छात्र हैं।
विज्ञापन

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

7 of 10
दिसंबर में उसने यूजीसी की नेट की परीक्षा पास की थी। एमए प्रथम सेमेस्टर में उसने सबसे अधिक अंक अर्जित किए।

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

8 of 10
लुबाना ने अपनी सफलता का श्रेय राजनीति विभाग के शिक्षकों अपनी माता कमलेश कुमारी और पिता दलजीत सिंह तथा दोस्तों के साथ उमंग फाउंडेशन को दिया।

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

9 of 10
9वीं कक्षा के बाद शायद निराशा में वह पढ़ाई छोड़ देते यदि नाहन के शमशेर हाईस्कूल के दृष्टिहीन शिक्षक दिनेश सूद उन्हें पढ़ने की प्रेरणा न देते।
विज्ञापन

आंखें नहीं, बिना आरक्षण उमेश ने रच दिया इतिहास

10 of 10
उमेला लुबाना ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है स्कूल कॉलेज और विवि में पढ़ रहे छात्रों को प्रदेश सरकार टाकिंग सॉफ्टवेयर सहित कंप्यूटर, डिजिटल पुस्तकें आदि मुहैया करवाए। इसके साथ ही विवि में ऑनलाइन रिसर्च जर्नल आदि की व्यवस्था करे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें