वर्तमान में वीरभद्र अर्की से विधायक थे। वे केंद्र सरकार में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनके पास केंद्रीय इस्पात मंत्रालय रहा और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय भी वे संभाल चुके थे।
हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह का आज सवेरे निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वीरभद्र को राजनीति में पंडित जवाहर लाल नेहरू लेकर आए थे। इस बात को वे कई बार दोहराते थे। कई राजनीतिक मंचों से भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया।
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virbhadra singh
- फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में वीरभद्र अर्की से विधायक थे। वे केंद्र सरकार में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनके पास केंद्रीय इस्पात मंत्रालय रहा और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय भी वे संभाल चुके थे।
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virbhadra singh
- फोटो : अमर उजाला
वीरभद्र सिंह का जन्म 23 जून, 1934 को बुशहर रियासत के राजा पदम सिंह के घर में हुआ। लोकसभा के लिए वह पहली बार 1962 में चुने गए। उसके बाद 1967, 1971, 1980 और 2009 में भी चुने गए। वीरभद्र वर्ष 1983 से 1990, 1993 से 1998, 1998 में कुछ दिन तक तीसरी बार, फिर 2003 से 2007 और 2012 से 2017 में हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे।
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पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
दोबारा कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से वह शिमला के आईजीएमसी में उपचाराधीन थे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता के निधन से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
वह करीब ढाई महीने से आईजीएमसी में दाखिल थे। सोमवार को अचानक तबीयत खराब होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर दाखिल कर दिया था जिसके बाद से वह बेहोशी की हालत में यहां पर उपचाराधीन थे। लेकिन वीरवार सुबह 3:40 मिनट पर उनकी मौत हो गई। आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज ने उनकी मौत की पुष्टि की है।