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चल गया पता, यहां रहते हैं भारत के सबसे तंदरुस्त लोग, बीमारियां जानते तक नहीं

Tue, 16 May 2017 04:13 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : Social Media
भारत में जहां हर चार में से एक व्यक्ति डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से ग्रस्त है, वहीं अब ऐसे इलाकों का भी पता लगा है जहां के लोगों को बीमारियां छू तक नहीं पाती। ये लोग फिटनेस और स्वास्‍थ्य सुविधाओं की कमी के बावजूद सबसे ज्यादा फिट पाए गए हैं। ताजा शोध में इसका खुलासा हुआ है। आइए जानते हैं पूरी रिपोर्ट-
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रिपोर्ट के अनुसार इस इलाके के लोगों को डायबिटीज, हाइपरटेंशन, न्यूरो जैसी गैर संक्रमित बीमारियां नहीं होती। यही नहीं, यहां मोटापे जैसा कोई मामला भी आज तक सामने नहीं आया। हां ये जरूर है कि जो लोग इन इलाकों से पलायन कर दूसरी जगह बस रहे हैं, वे मोटापे के शिकार हो रहे हैं।
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हिमाचल के कांगड़ा के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की फैकल्टी की ओर से ये ताजा शोध किया गया जिसमें इन इलाकों का पता चला है। रिपोर्ट के अनुसार हिमालय की ऊंची चोटियों पर रहने वाले कबायली इन बीमारियों से अछूते हैं। आगे पढ़िए क्या है इनकी फिटनेस का राज-

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हिमाचल और देश के अन्य राज्यों के जनजातीय लोग मैदानी और पहाड़ी इलाकों के लोगों से 80 फीसदी कम बीमार होते हैं। सामान्य तौर पर सभी में पाई जाने वाली बीमारियां इन्हें होती ही नहीं हैं। बीमारियां न होने के पीछे शोधकर्ताओं ने बेहतर गुणवत्ता वाले प्राकृतिक खानपान और जीवनशैली को प्रमुख कारण बताया है।
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शोधकर्ताओं के अनुसार ट्राइबल लोगों के फिट रहने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पर्यावरण, जीवन शैली और जेनेटिक डिफरेंस वजहें हो सकती हैं। कबायली लोग ज्यादा शारीरिक श्रम करते हैं। इसके अलावा खानपान में भी कई वैराइटी उनके फिट रहने का एक कारण हो सकता है।
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दरअसल, ऊंचाई पर रहने वाले लोग जौ, गेहूं, मक्की जैसे परंपरागत अनाज खुद उगाकर खाते हैं। इसके अलावा सेब और अखरोट जैसे एंटीआक्सीडेंट्स युक्त फल भी ज्यादा खाते हैं। साफ पानी और स्वच्छ हवा भी एक कारण है।
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शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर लोग ट्राइबल्स जीवनशैली को 30 से 50 फीसदी तक भी अपना लेते हैं तो देशभर में बढ़ती डिमेंशिया, डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से निजात मिल सकती है।
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कबाइली लोगों पर हुए शोध के अनुसार इनमें हाइपरटेंशन की बीमारी बहुत कम होती है। शोध के दौरान महज 10.7 प्रतिशत लोगों में हाइपरटेंशन के लक्षण मिले। पूरे हिमाचल की बात करें तो 36 फीसदी लोग हाइपरटेंशन से ग्रस्त रहते हैं। कबायलियों में न्यूरो से जुड़ी डिमेंशिया से ग्रस्त एक भी मरीज नहीं पाया गया। 
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