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तस्वीरें: मार्च में पर्यटन स्थल कुफरी ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर, सेब की फ्लावरिंग प्रभावित

Sat, 14 Mar 2020 05:04 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, कुफरी
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कुफरी - फोटो : अमर उजाला
मार्च का लगभग आधा महीना बीत चुका है, लेकिन हिमाचल के ऊंचाई वाले भागों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इससे राज्य में फिर से ठंड बढ़ गई है। शिमला से सटा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुफरी बर्फ से लकदक है। बर्फ के दीदार के लिए पर्यटक भी यहां पहुंच रहे हैं।
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कुफरी - फोटो : अमर उजाला
हालांकि कोरोना वायरस के खौफ के चलते पूरी एहतियात बरती जा रही है। पर्यटक यहां घुड़सवारी, स्केटिंग आदि का लुत्फ उठा रहे हैं। हालांकि कोरोना वायरस के खौफ के चलते पूरी एहतियात बरती जा रही है। पर्यटक यहां घुड़सवारी, स्केटिंग आदि का लुत्फ उठा रहे हैं। 
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कुफरी - फोटो : अमर उजाला
चेरी, प्लम और नाशपाती की सेटिंग (फूल से फल बनने की प्रक्रिया) भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। तापमान में गिरावट से फ्लावरिंग(पुष्पण) पर विपरीत असर पड़ा है। मौसम के रुख में आए बदलाव के कारण बागवानों को इस साल सेब की फसल प्रभावित होने का डर सताने लगा है। इन दिनों कुफरी, फागू, रितेश, धरेच और ठियोग के निचले क्षेत्रों में सेब के पौधों में फ्लावरिंग की तैयारी है।

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कुफरी - फोटो : अमर उजाला
अच्छी फसल के लिए इस समय 15 डिग्री से अधिक तापमान की जरूरत है लेकिन बार-बार हिमपात व बारिश से पारा काफी नीचे लुढ़कने से उपयुक्त तापमान नहीं मिल पा रहा है। बादाम, चेरी, आडू, प्लम जैसे गुठलीदार फलों की फ्लावरिंग चरम पर  है लेकिन लगातार बढ़ती ठंड से फलों की सेटिंग बुरी तरह प्रभावित हो रही है। 
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कुफरी में सैलानी - फोटो : अमर उजाला
पिछले तीन दिनों से तेज हवाओं के चलने व ओलावृष्टि से गुठलीदार फलों के फूलों को भारी क्षति पहुंची है। धमांदरी पंचायत के प्रदीप नेगी, विक्रम मनसागर, चमन शर्मा, आकाश, प्रताप खाची, मोहन लाल, भूप सिंह बुंदेल, सूरत सिंह, देवेंद्र भवानी और विजेश का कहना है कि गुठलीदार फलों की पीक फ्लावरिंग पर लगातार बारिश से परागण प्रक्रिया प्रभावित हो रही हैं और तेज हवाओं से करीब 30 से 40 प्रतिशत फूल झड़ गए हैं।
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कुफरी में सैलानी - फोटो : अमर उजाला
दि कुछ दिनों में मौसम में सुधार नहीं हुआ तो गुठलीदार फलों की अच्छी फसल की उम्मीद पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। फागू के बागवान रमेश कुमार, दिनेश चंदेल, अजय ठाकुर,  सुरेंद्र सिंह, सुरेश वर्मा ने बताया कि इन दिनों सेब बगीचों में पिंक बड़ से पहले की अवस्था चल रही है इस समय सही तापमान होना बेहद जरूरी है लेकिन इस साल मार्च में भी बर्फबारी हो रही है। यदि मौसम में सुधार नहीं हुआ तो इस साल सेब उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है।
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कुफरी - फोटो : अमर उजाला
15 डिग्री से अधिक रहना चाहिए तापमान : हिमराल
उद्यान प्रसार अधिकारी डॉ. प्रदीप हिमराल ने बताया कि निचले व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इन दिनों गुठलीदार फलों की फ्लावरिंग चल रही है इस समय 15 से 25 डिग्री सेल्सियसतापमान की आवश्यकता होती है। सेब में पिंक स्टेज से पहले की अवस्था है इसके लिए भी इस समय 15 डिग्री से अधिक तापमान की जरूरत है। यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं होता तो फलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। 
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