पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल करने की ओर बढ़ रहे हिमाचल में कई अध्यापक सरकारी ड्यूटी से आगे बढ़कर बढ़कर शिक्षा की लौ जला रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में ये शिक्षक मिसाल पेश कर रहे हैं। शिक्षा के लिए समर्पित ऐसे 38 शिक्षकों शिक्षकों को शुक्रवार को हिमाचल सरकार ने सम्मानित किया। शिक्षक पुस्कार से सम्मानित ऐसे गुरुओं की कहानी आप भी जानिए....
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शिक्षक पुस्कार से सम्मानित गुरु।
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पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल करने की ओर बढ़ रहे हिमाचल में कई अध्यापक सरकारी ड्यूटी से आगे बढ़कर बढ़कर शिक्षा की लौ जला रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में ये शिक्षक मिसाल पेश कर रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कोई अपनी पगार खर्च रहा है, तो कोई स्कूल में पढ़ाने के बाद भी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहा है। किसी ने पढ़ाने के साथ-साथ देश के लिए खिलाड़ी तराशे हैं, किसी ने डिजिटल लर्निंग और नवाचार में उदाहरण पेश किए हैं। कई शिक्षकों का सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने में योगदान रहा है। शिक्षा के लिए समर्पित ऐसे 38 शिक्षकों शिक्षकों को शुक्रवार को हिमाचल सरकार ने सम्मानित किया। इस बार 26 स्कूल शिक्षकों, 6 कॉलेज शिक्षकों के अलावा छह तकनीकी शिक्षकों को भी राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें प्रशस्तिपत्र, एक विशेष मेडल और नौकरी में एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया। शिक्षक पुस्कार से सम्मानित ऐसे गुरुओं की कहानी आप भी जानिए....
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प्रवक्ता योगराज, शारीरिक शिक्षक देविंद्र चौहान
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बर्फबारी के बीच लगाई अतिरिक्त कक्षाएं
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निगुलसरी के गणित प्रवक्ता योगराज को वर्ष 2025 का राज्य शिक्षक पुरस्कार दिया गया। योगराज नेगी किन्नौर जिले के सुगरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने जनजातीय जिले के दुर्गम क्षेत्र में बर्फबारी के दौरान भी अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर विद्यार्थियों के लिए गणित की पढ़ाई जारी रखी। विद्यार्थियों को विशेष रूप से गणित के क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए काम किया और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
देश को दिए कई वॉलीबाल खिलाड़ी
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रोहडू में शारीरिक शिक्षक पद पर तैनात देविंद्र चौहान वॉलीबाल हॉस्टल रोहडू में भी बतौर कोच अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्होंने राज्य, राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बतौर कोच अपनी भूमिका निभाई। चौहान वर्ष 2023 में हुई एशियन वॉलीबाल चैंपियनशिप में भारतीय टीम के कोच रह चुके हैं। प्रो. वॉलीबाल लीग में अहमदाबाद टीम की कोचिंग कर चुके हैं। जूनियर एशियन चैंपियनशिप में भी भारतीय टीम के सहायक कोच रह चुके हैं।
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योग शिक्षक सीमा चंदेल, प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह नेगी
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योग में राष्ट्रीय स्तर तक भेजे 50 होनहार
जदवेग के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल संधू में योग शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहीं सीमा चंदेल के मार्गदर्शन में अब तक करीब 50 छात्र राष्ट्रीय स्तर की योग प्रतियोगिताओं के लिए चयनित हो चुके हैं। जून 2025 में आयोजित योग प्रतियोगिता में उनके निर्देशन में भाग लेने वाले 15 विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीते। यही नहीं, सीमा के अधक प्रयासों से छात्र ध्रुव वर्मा ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया।
आपदा में मदद, सोलह बार कर चुके रक्तदान रिकांगपिओ
2023 में किन्नौर जिले के होमते गांव में बादल फटने से भावा खड्ड में आई बाढ़ की चपेट में एक पांच मंजिला मकान आ गया था। इसके लिए रिकांगपिओ में डाइट के प्रधानाचार्य तेलगी निवासी कुलदीप सिंह नेगी ने पीड़ित को 5,000 की सहायता दी थी। इसी वर्ष निगुलसरी में भी भूस्खलन की चपेट में आए यात्रियों और मजदूरों को 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की थी। वे वर्ष 1992 से अब तक लगभग 16 बार रक्तदान भी कर चुके हैं।
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अजय कुमार, सृष्टि शर्मा
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सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए लगवाई बस
डाहड़ स्कूल के जेबीटी शिक्षक अजय कुमार पहली नियुक्ति 17 अप्रैल 2009 को राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला मंडयाली में बतौर जेबीटी शिक्षक के तौर पर हुई। यह हिमाचल प्रदेश की पहली पाठशाला है जो अपने स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए बस सुविधा उपलब्ध करवा रही है। 40 प्रतिशत किराया अभिभावकों और 60 प्रतिशत किराया पाठशाला के शिक्षकों की ओर से वहन किया जा रहा है। इस पहल का सारा श्रेय अजय कुमार को जाता है।
सृष्टि शर्मा के पंजीकरण बढ़ाने के प्रयास लाए रंग
राजकीय प्रिाथमिक पाठशाला प्रेमनगर में कार्यरत जेबीटी शिक्षक सृष्टि शर्मा ने प्रभारी अध्यापक के साथ सहयोग करते हुए स्कूल में एनलोरमेंट बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर प्री प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया। इसके अलावा बच्चों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए आमजन के सहयोग से लेखन सामग्री, ट्रैक सूट, वर्दी, बर्तन आदि जुटाए। विद्यार्थी खेल-खेल में मनोरंजक ढंग से गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इसी के चलते इन्हें पुरस्कार मिलेगा। संवाद
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गिरधारी लाल, गुरदास राम
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पांच शास्त्री शिक्षक देने पर गिरधारी को अवॉर्ड
हिंदी से शास्त्री अध्यापक गिरधारी लाल को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया। गिरधारी लाल 24 वर्षों से हिंदी स्कूल में तैनात हैं। उनकी उपलब्धि है कि उन्होंने अपने अध्यापन कार्यकाल के अब तक पांच शास्त्री अध्यापक दिए हैं। गिरधारी लाल ने कहा कि पांच शास्त्री अध्यापक तैयार करने के साथ पाठशाला में अध्यापकों के साथ साझा प्रयास, पर्यावरण के साथ अन्य प्रकार की गतिविधियों में निरंतर प्रयासरत रहे।
गुरदास राम ने अंग्रेजी माध्यम करवाया शुरू
चार साल तक लगातार शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले गुरदास राम राजकीय माध्यमिक पाठशाला नौलखा में कार्यरत हैं। गुरदास राम को यह पुरस्कार राजकीय उच्च पाठशाला जाच्छ में कार्यरत रहते हुए सराहनीय सेवाओं के लिए प्रदान किया गया। उन्होंने लगातार तीन साल तक पाठशाला में बच्चों का पंजीकरण बढ़ाया। पाठशाला में अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू करवाई। उनके कार्यकाल में परीक्षा परिणाम लगातार चार वर्षों से शत प्रतिशत आया।
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ऋतु गोयल, राजकुमार पाल
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अपने पैसों से स्कूल को एलईडी और डेस्क दिए
राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला बातामंडी की जेबीटी शिक्षक ऋतु गोयल ने अपनी राशि से स्कूल के लिए स्मार्ट एलईडी, साउंड सिस्टम और डेस्क उपलब्ध करवाए। शिक्षा क्षेत्र में पठन-पाठन की नई-नई तकनीक से पढ़ाना, नवाचार करना, खासकर कक्षा में कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर पढ़ाना इनकी उपलब्धि में शामिल है। निर्धन और असहाय बच्चों को जर्सी, जूते, जुराबें और लेखन सामग्री भी देती हैं।
खेलकूद को बढ़ावा दे रहे राजकुमार पाल
खेल जगत के क्षेत्र में विदेशों में अपना डंका बजवाने वाले राजकुमार पाल ने बताया कि पढ़ाई के दौरान ही उनके खेलों में बहुत रुचि थी। उन्होंने कारगिल में भी अपनी सेवा दी। कारगिल जाने से पहले उन्हें कई लोगों ने उन्हें जाने के लिए मना भी कि वह नहीं माने। डीसी ने उन्हें बेहतरीन सेवाओं के लिए सम्मानित किया। राज कुमार स्पेशल ओलंपिक 2019 में भारतीय लड़कों की बॉस्केटबाल टीम के साथ प्रशिक्षक के रुप में गए। इस टीम ने देश के लिए रजत पदक जीत था।
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परमजीत सिंह व डॉ. मंजुला शर्मा
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स्मार्ट यूनिफॉर्म शुरू कर बढ़ाया बच्चों का उत्साह
भटेड़ स्कूल में कार्यरत शिक्षक परमजीत सिंह ने अपने स्कूल में स्मार्ट यूनिफॉर्म शुरू कर बच्चों में आत्मविश्वास और स्वच्छता बढ़ाई। छोटे बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करवाई। कोरोना में उन्होंने डोर-टू-डोर और ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित की। इनके प्रयासों को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें नवोदय क्रांति राष्ट्र रत्न अवार्ड, भारती एअरटेल फाउंडेशन रॉकस्टार अवॉर्ड शामिल है।
पाठ्यक्रम तैयार करने प्रशिक्षण में योगदान
विशेष श्रेणी में चुनी गई डॉ. मंजुला शर्मा समग्र शिक्षा में राज्य निपुण नोडल अधिकारी और महिला विकास गुणवत्ता शिक्षा प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं। पूर्व प्राथमिक शिक्षा, बालिका शिक्षा, दिव्यांग बच्चों, समुदाय सहभागिता, शिक्षक-प्रशिक्षण और वैकल्पिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत इन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है। प्राथमिक कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम लेखन पाठ्यपुस्तक लेखन और सामुदायिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में लगभग 28 वर्षों का इन्हें अनुभव है।
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अनीता चौधरी व जीवन बाला।
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कई विद्यार्थियों को बनाया चिकित्सक
सेराथाना स्कूल में कार्यरत जीव विज्ञान की प्रवक्ता अनीता चौधरी के अब तक कार्यकाल में हर स्कूल से विद्यार्थियों को नीट पास करवाया। चौधरी ने बच्चों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के लिए भी मार्गदर्शन किया। इसी का नतीजा है कि आज अनीता के पढ़ाए कई छात्र चिकित्सक हैं, तो कई विदेशों में सेवाएं दे रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और सरकारी स्कूल से आए विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार किया है।
निजी से सरकारी स्कूल में पहुंचाए विद्यार्थी
सरकारी स्कूल में पहुंची जेबीटी शिक्षक ने पढ़ाई का ऐसा माहौल बना दिया कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 12 बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलवाया। केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला मैहला में तैनात जीवन बाला की बात हो रही है। जीवन बाला ने जहां स्कूल के एनरोलमेंट बढ़ाने में अपना योगदान दिया। वहीं, दूसरी तरफ सरकार की स्कॉलरशिप योजनाओं में भी अपने स्कूल के बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की।
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उमेश कुमार शर्मा व विवेक भारद्वाज।
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एक हजार वीडियो और 90 व्हाट्सएप क्विज बनाए
विज्ञान शिक्षक उमेश कुमार शर्मा वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोरला में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोराना काल में उमेश ने छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए विज्ञान की 500 वीडियो, 500 वर्कशीट और 90 व्हाट्सएप क्विज तैयार कर पढ़ाई के साथ जोडे़ रखने में भूमिका निभाई। लाहौल और किन्नौर जिले के बच्चों के लिए विज्ञान की किताब भी तैयार की हैं। राष्ट्रीय स्तर की नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग करवाते है।
खेल गतिविधियों को विवेक ने दिया बढ़ावा
राजकीय प्राथमिक पाठशाला मानल दोची के जेबीटी शिक्षक विवेक भारद्वाज ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहते हुए शिक्षा के स्तर को ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने छात्रों के अलावा सहकर्मी शिक्षकों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के अलावा विभिन्न गतिविधियों और खेल प्रतियोगिताओं को भी विद्यालय में लागू किया। इसी के चलते उन्हें राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।
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मायाराम शर्मा व कैलाश शर्मा
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दोपहर के भोजन का खर्च कर रहे वहन
राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर के प्रभारी मायाराम शर्मा स्कूल में पंजीकरण बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर प्री प्राइमरी कक्षाओं को संचालन किया। कक्षाओं के संचालन और दोपहर के भोजन पर खर्च होने वाली राशि को भी खुद वहन कर रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए लोगों के सहयोग से जूते, पेंसिल, लेखन सामग्री, ट्रैक सूट, बस्ते, बर्तन, स्कूल ड्रेस आदि उपलब्ध करवाई। विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में भी आगे रखा है। यही नहीं, अपने दम पर विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण पर भी ले जा रहे हैं।
जहां गए, वहां बनवा दिया बॉक्सिंग रिंग
एक ऐसा खेल शिक्षक भी है। जो जिस भी स्कूल में गया, वहां पर उसने स्कूल स्टाफ और लोगों के सहयोग से बॉक्सिंग रिंग उपलब्ध करवाया। खेल के प्रति समझ इतनी है कि वह अब तक कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल दिलवा चुके हैं। तीन खिलाड़ी इंडिया कैंप तक लगा चुके हैं। समलोटी स्कूल शिक्षक कैलाश शर्मा ने हासिल की है। पिछले वर्ष उनके मार्गदर्शन में वंशिका गोस्वामी ने अमेरिकामें अंडर-19 स्कूल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।
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दीपिका जंदैक व मीना देवी
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छात्रवृत्ति दिलवाने में दीपिका का सहयोग
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शमरोड की अध्यापिका दीपिका जंदैक ने गैर शैक्षिक गतिविधियों, ईको क्लब, चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस, कम लागत वाली शिक्षण अधिग्रम सामग्री, स्कूल अडॉप्शन, रचनात्मक गृह कार्य, विद्यार्थी छात्रवृत्ति परीक्षा में विशेष योगदान दिया। वर्तमान में बच्चों को छात्रवृत्ति भी मिल रही है। उपलब्धि का श्रेय दीपिका ने प्रधानाचार्य पूनम काल्टा, कुमार चैरिटेबल ट्रस्ट सोलन, स्कूल स्टाफ को दिया है।
डिजिटल लर्निंग को मीना ने दी नई दिशा
शिमला के धामी की मीना देवी ने अपने शिक्षण कार्य काल में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार पद्धतियों और डिजिटल लर्निंग के माध्यम से नई दिशा दी है। उनके प्रयासों से छात्रों मे पढ़ने सीखने मे अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। शिमला के हलोग स्कूल की मीना की उपलब्धि से पूरे धामी क्षेत्र में खुशी की लहर है। मीना ने कहा कि सम्मान के लिए चयनित होने का श्रेय वह विद्यार्थियों को भी देती हैं। छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए कार्य करेंगी।
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डॉ. प्रमोद पटियाल व डॉ. कीर्ति
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रॉ में भी दीं सेवाएं, अब जला रहे शिक्षा की लौ
हमीरपुर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पटियाल बीएसएफ और रॉ में सेवाएं दे चुके हैं। वह कांगड़ा जिले के जसवां प्रागपुर के गांव गढ़ के रहने वाले हैं। उनके नेतृत्व में पांवटा कॉलेज ने एनएएसी में ए ग्रेड प्राप्त किया। हमीरपुर को एसआईआरएफ रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल हुआ। प्रमोद पटियाल ने वर्ष 1992 में रॉ, बीएसएफ में सेवांए दी, लेकिन पारिवारिक कारणों से उन्होंने घर वापसी करते हुए वर्ष 1993 में सीमा कॉलेज से प्राध्यापक के तौर पर सेवाएं शुरू की।
प्रतियोगी परीक्षाओं की भी करवा रहीं तैयारी
संजौली कॉलेज की डॉ. कीर्ति सिंघा मूलतः गांव शरमाली रोहडू, हिडू, शिमला की रहने वाली हैं और 16 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रही हैं। उनका विज्ञान के क्षेत्र में अहम योगदान रहा है, उनके चार पेंटेंट दर्ज हैं। कोऑर्डिनेटर रहते हुए संजौली कॉलेज को एक करोड़ का बजट दिलवाया। एचपीयू के कुलपति प्रो. महावीर सिंह के मार्गदर्शन में नैनो मेटिरियल पर रिसर्च कर रही हैं। डॉ. कीर्ति विद्यार्थियों को फिजिक्स पढ़ाने के अलावा उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाती हैं।
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डॉ. नरेश शर्मा व शशिपाल
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लेक्चर में कभी लेट नहीं, न बीच में छोड़ा
35 साल की नौकरी में सिर्फ 25 आकस्मिक अवकाश लिए और कभी भी एक भी अर्जित अवकाश नहीं लिया हैं। डॉ. नरेश शर्मा वर्तमान में धर्मशाला कॉलेज में अंग्रेजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। 35 साल में कम छुट्टियां करने और लेक्चर मिस न करने के लिए उनका नाम गिनीज और लिम्का बुक में दर्ज करवाने के लिए भी गया हुआ था। नरेश शर्मा कभी अपने लेक्चर के लिए एक भी मिनट लेट नहीं पहुंचे हैं। प्रिंसिपल ने भी उन्हें बुलाया है, तो भी वे लेक्चर छोड़कर नहीं जाते।
शशिपाल की निशुल्क कोचिंग ने बदल दी कई छात्रों की किस्मत
सोलन। प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग देकर 220 विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय में चयनित करवाने समेत शिक्षा में बेहतरीन कार्यों के लिए जेबीटी शिक्षक शशिपाल को राष्ट्रीय शिक्षक अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कोरोना काल के समय से निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग देना शुरू की। पांच साल में 220 से ज्यादा बच्चों को निशुल्क कोचिंग देकर सफलता की उड़ान दी है। इसके अलावा 10 से ज्यादा स्कूल छोड़ चुके बच्चों को भी पढ़ाकर वापस दाखिला दिलवाया। इसके अलावा प्रतिष्ठित लॉरेंस और पाइनग्रोव स्कूल की निशुल्क दाखिला परीक्षा में भी इनके पढ़ाए छह बच्चे अव्वल रहे। 24 छात्र एसजेएमएमएसई छात्रवृत्ति के लिए भी चयनित हो चुके हैं।
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सुरेंद्र कुमार शर्मा व अजय सिंह पटियाल
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बाल बचत बैंक और संसद का किया गठन
जनजातीय क्षेत्र पांगी स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 10 वर्षों से सेवारत शिक्षक सुरेंद्र कुमार शर्मा को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान मिला। सुरेंद्र कुमार शर्मा ने विद्यालय में बहुत सारे नवाचार किए जैसे बाल बचत बैंक, बाल संसद का गठन, ईमानदारी की दुकान, बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करना, इसके अतिरिक्त बच्चों का नवोदय विद्यालय और आवासीय आदर्श एकलव्य विद्यालय के लिए चयन कार्य किया। शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर उन्हें पुरस्कार मिला।
27 साल के कार्यकाल में एक भी छात्र फेल नहीं
गढ़जमुला स्कूल के प्रवक्ता अजय सिंह पटियाल बीते 27 साल से शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं। शिक्षा प्राप्त कर चुके छात्र एनआईटी, आईआईटी, मेडिकल संस्थाओं के अलावा भारतीय सेना और अन्य दूसरे प्रतिष्ठित संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं। इनका बीते 27 वर्षों से अपने विषय का बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। वहीं इनके अपने विषय में कई छात्रों ने शत प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अजय की धर्मपत्नी भी मुंडी स्कूल में प्रवक्ता हैं।
शिक्षा में नवाचारों से शिशुपाल की पहचान
राजकीय प्राथमिक पाठशाला सराहां में कार्यरत जेबीटी शिशुपाल के नेतृत्व में इस स्कूल में 7 बच्चों ने नवोदय, 2 बच्चों ने सैनिक स्कूल में दाखिला पाया। एक छात्रा को स्वर्ण जयंती स्टेट छात्रवृत्ति मिली। इनके अथक प्रयासों से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 32 से बढ़कर 108 हुई है। जो पूरे सराहां शिक्षा खंड में सर्वाधिक है। अपने कार्य में पूरी तरह से समर्पित शिशुपाल पूरे प्रदेश में टीएलएम और शिक्षा में नवाचारों के लिए जाने जाते हैं। शैक्षणिक गतिविधियों पर आधारित इनके गीत पूरे हिमाचल में वायरल हुए हैं।
सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए कर रहे प्रेरित
सात वर्षों तक शिक्षा खंड सुजानपुर में विभिन्न उत्कृष्ट कार्यों की मेहनत की बदौलत जेबीटी विजय कुमार को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार मिला। राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला बीड़ बगेहडा में कार्यरत शिक्षक ने मई 2011 में अपने दोनों बेटों का दाखिला अपनी पाठशाला में करवाया और अभिभावकों सहित अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित किया। प्रयासों से स्कूल में कम हो रही विद्यार्थियों की संख्या में एकाएक बढ़ोतरी हुई और विद्यार्थियों की संख्या 100 के पार हो गई।