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तस्वीरें: यहां बंदरों के उत्पात से सब परेशान, लोगों की तलाशी लेकर जेब से निकाल ले जाते हैं सामान

Sat, 01 Dec 2018 02:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शिमला शहर में बंदरों का आतंक जारी है। जाखू एरिया में बंदरों के हमले और तेज हो गए हैं। बंदरों की हरकतें एक शातिर गुंडे की हो चुकी हैं। यह बंदर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से सामान छीनकर ले जाते हैं फिर कुछ खाने को मिलने के बाद ही उसे लौटाते हैं।
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यही नहीं श्रद्धालुओं को पकड़कर उनकी जेब तक की तलाशी ऐसे लेते हैं जैसे कोई इंसान हो। जेब में जो कुछ मिलता है उसे लेकर फिर दूर जाकर बैठ जाते हैं। सामान तभी लौटाते हैं जब उन्हें चने या दूसरी सामग्री खाने को दी जाती है।
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मंदिर में आए दिन बंदर श्रद्धालुओं के चश्मे, जूते, घड़ी और महिलाओं की चुनरियां ले जाते हैं। सरकार की तरफ से बंदरों को मारने की छूट दे रखी है लेकिन धार्मिक आस्था से जुड़े होने के कारण बंदरों को मारने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा।

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एक ओर नगर निगम और जिला प्रशासन बंदरों से निजात दिलाने में नाकाम साबित हो रहे हैं तो दूसरी ओर अब बंदरों को मारने की छूट के भी चंद दिन बाकी रह गए हैं। वन विभाग का कहना है कि 20 दिसंबर तक शहरवासी बंदरों को मार सकते हैं।
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इसके बाद केंद्र से मिली छूट खत्म हो जाएगी। दो साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक इस छूट की अवधि में एक भी बंदर को नहीं मारा गया है। वन विभाग ने छूट की अवधि एक साल और बढ़ाने के लिए केंद्र को पत्र तो लिखा है।
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लेकिन आंकड़ों को देखते हुए इसके बढ़ने की कम ही संभावना है। डीएफओ वन्यजीव विभाग राजेश शर्मा ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए टीमें काम कर रही हैं। कहा कि अब केंद्र से मिली छूट के चंद दिन ही बचे हैं।
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