देर शाम को गांव के साथ लगते सीडी नाले में पहाड़ी के खिसकने से सैकड़ों भेड़-बकरियां इसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद प्रशासन ने राजस्व विभाग और पशुपालन विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया है, जो नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार 15/20 की दुर्गम पंचायत क्याव में शुक्रवार देर रात अचानक पहाड़ी खिसक गई। नाले के साथ लगती पहाड़ी से भेड़ पालक गुजर रहे थे। अचानक हुए भूस्खलन को देखकर भेड़ पालक मौके से भाग खड़े हुए।
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इस घटना में क्षेत्र के करीब 23 भेड़ पालकों की 224 भेड़-बकरियां मर गई हैं। सूचना मिलने के बाद प्रशासन, पुलिस और पशुपालन विभाग का दल मौके पर रवाना हुआ। प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है। कानूनगो, पटवारी के साथ पशुपालन विभाग के कर्मचारी मृत भेड़-बकरियों का पोस्टमार्टम करने में जुटे हुए हैं।
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पहाड़ी दरकने से इसकी चपेट में भेड़पालक संत राम, गोपाल सिंह, प्रकाश चंद, अनु लाल, मोहन लाल, सुंदर सिंह, बहादुर सिंह, बीरबल सिंह, मोहन मेहता, राजेंद्र सिंह, शोभा राम, जगदीश सिंह, धर्म सुख, शाडू राम, पिप्लू राम, राम दास, जवाहर सिंह, सुमित्रा देवी, संडम छेरिंग, अनूप राम, जयचंद और मेहर सिंह की सैकड़ों भेड़-बकरियां काल का ग्रास बन गई हैं।
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इन प्रभावितों और पंचायत प्रधान बन्ना देवी ने सरकार और प्रशासन से उचित मुआवजा जारी कर राहत देने की मांग की है। एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि पहाड़ी दरकने से भेड़-बकरियों के मरने की सूचना मिली है।
प्रशासन ने संबंधित कानूनगो, पटवारी और पशु पालन विभाग की टीम को मौके पर भेजा है। यह टीम नुकसान का आकलन कर जल्द रिपोर्ट देगी। प्रशासन द्वारा प्रभावित भेड़पालकों को यथासंभव मदद दी जाएगी।