तमाम उतार-चढ़ाव और विषम परिस्थितियों के बावजूद आखिर जमीन से जुड़े साधारण परिवार के बेटे ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद सीएम की कुर्सी संभाल ली है। मां समेत शिमला न पहुंच पाने वाले परिवार के अन्य सदस्यों में सीएम के पैतृक घर में शपथ समारोह का लाइव प्रसारण देखा। इस दौरान मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। सीएम जयराम के शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन्होंने अन्न चखा और आशीर्वाद देते हुए अपने बेटे के लिए मंगल कामना की।
विज्ञापन
2 of 7
सुबह करीब 11 बजे जयराम ठाकुर के भाई अनंत राम को किसी रिश्तेदार का फोन आता है कि शिमला में होने वाले शपथ समारोह के लिए प्रधानमंत्री शिमला पहुंच गए हैं और जयराम ठाकुर उन्हें रिसीव करने के लिए अनाडेल गए हैं। यह सुनकर जयराम के घर पर उनकी मां, चाची एकादशी, बड़ी बहन पूर्ण देवी, भाभी खेमदासी और बड़ा भाई अनंतराम जयराम के कमरे की तरफ दौड़ पड़े। सभी ने देर न करते हुए कमरे में लगे टीवी को तुरंत ऑन कर दिया।
विज्ञापन
3 of 7
टीवी पर दिखाया गया कि रिज पर किस समय कौन-कौन सा नेता पहुंचा। जैसे ही रिज पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार दिखाई दिए तो बड़े भाई ने मां से कहा कि इन्होंने ही जयराम को सीएम बनाने के लिए सबसे अधिक साथ दिया है। मां कहती हैं कि हम इनका अहसान कभी नहीं चुका पाएंगे। जैसे ही जयराम प्रधानमंत्री के साथ शपथ ग्रहण स्थल पर पहुंचते हैं तो उनकी झलक पाकर ही पूरा परिवार तालियां बजाने लगा। राज्यपाल जयराम ठाकुर को शपथ दिलाने लगे तो मां की आंखों से आंसू झलक पड़े। मां को भावुक देखकर कमरे में मौजूद पूरे परिजनों की आंखों से भी आंसुओं की झड़ी लग गई।
4 of 7
भाई ने देवताओं को चढ़ाया भोग
इससे पहले सुबह करीब 6 बजे पूरे परिवार ने सबसे पहले अपने देवताओं को मनाया। इसके लिए जयराम के बड़े भाई अनंत राम ने और मां ने अन्न का दाना मुंह में नहीं लगाया था। एक भव्य थाल देवताओं की पूजा के लिए सजाया गया। इस थाल में हलवा, वस्त्र, दक्षिणा, नारियल धूप दीप आदि पूजा सामग्री थी। देवताओं के मन्नत पूरी करने के बाद पूरे परिवार ने सभी देवताओं को भोग लगाया और पूजा की। इन देवी देवताओं में देव मतलोड़ा, देववाला टीका, देवी बगुलामुखी व कुलदेवी शिकारी जोगिणी को भोग आदि लगाया गया।
विज्ञापन
5 of 7
मां बोली-जयराम के पिता जी होते तो फूले न समाते
जैसे ही शपथ ग्रहण समारोह का समापन होता है तो मां सहित पूरा परिवार घर के आंगन में पहुंच जाता है। जहां पर बहुत से लोग उन्हें बधाई देने लगते हैं। इस पर मां के आंसू दोबारा बहने लगे। मां रोते-रोते कहती है कि काश आज जयराम के पिता होते तो वह फूले न समाते। मां बोली कि वह हमेशा जयराम को राजनीति में जाने से रोकते थे। अगर उस समय जयराम उनकी बात मान लेता तो शायद आज पूर प्रदेश का मुखिया नहीं बनता। अपने बेटे की इस कामयाबी पर उनको खूब नाज होता।
विज्ञापन
6 of 7
लोगों का मुंह मीठा करवाने को बनाए मीठे बाबरू
पूरा दिन घर में बधाइयां देने वाले लोगों का आना-जाना लगा रहता है। कोई भी बिना मुंह मीठा किए न जाए, इसके लिए सीएम की मां, भाभी और बड़ी बहन ने मीठे बाबरू बनाए हैं। यह मंडी का लोकप्रिय मीठा पकवान है, जिसे मंडी के लोग शुभ अवसरों पर बनाते हैं।
अब विपक्ष का बजाएंगे ढोल
घर में खुशी का माहौल था। यहां पर कुछ लोग आपस में बातें कर रहे थे। तभी अमर उजाला ने परिवार वालों से सीएम के शौक के बारे में पूछा तो उनके बड़े भाई ने कहा कि जयराम बांसुरी बहुत अच्छी बजाते हैं। इसके साथ ही वह ढोलक भी अच्छी बजा लेते हैं। तभी कोई पीछे से कहता है कि अब वह विपक्ष का ढोल बजाएंगे, जिस पर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।