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इस बार ये है श्राद्ध का सही मुहूर्त, जानिए क्या करें क्या न करें

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श्रद्धा भाव के साथ दिवंगत पूर्वजों को स्मरण करने का पर्व श्राद्ध पक्ष 28 सितंबर से शुरू होगा। 28 सितंबर को पूर्णिमा और प्रतिपदा के दो श्राद्ध होंगे। आइए जानते हैं कुछ जरूरी बातें...
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इस बार ये है श्राद्ध का सही मु‌हूर्त, जानिए क्या करें क्या न करें

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पंचमुखी हनुमान मंदिर केलटी के पुजारी पंडित संजय शास्त्री के अनुसार 28 सितंबर को सुबह 8:20 बजे तक पूर्णिमा रहेगी।
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सूर्योदय के बाद और 8:20 बजे से पहले लोग पूर्णिमा का श्राद्ध कर सकेंगे। 8:21 बजे के बाद प्रतिपदा का श्राद्ध होगा।

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अमावस्या का श्राद्ध 12 अक्तूबर को होगा। बताया कि जिन पूर्वजों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है या फिर जिनकी अज्ञात मृत्यु हुई है उनका श्राद्ध 12 अक्तूबर को ही किया जाएगा।
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पंडित संजय शास्त्री ने बताया कि भारतीय संस्कृति के अनुसार पितृ पक्ष में विद्वान एवं जरूरतमंद ब्राह्मणों को करवाए गए भोजन और दान से पितर संतुष्ट होते हैं। सुख एवं धन धान्य का आशीर्वाद देते हैं।
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पितृ पक्ष में श्राद्ध न करने वालों को पितर श्राप देते हैं, यह धारणा गलत है। अपरिहार्य कारण से यदि श्राद्ध न भी कर पाएं तो भी पितरों का अपनी संतानों पर आशीर्वाद ही रहता है।
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क्या करें
•मन मस्तिष्क में पवित्र विचार रखें।
•श्राद्ध पक्ष में आचरण शुद्ध रखें।
•नमक, गुड़, तिल, चावल, वस्त्र और घी का दान करें।
•पशु और पक्षियों को भोजन कराएं।
•गरीबों और ब्राह्मणों को अपने सामर्थ्य अनुसार दान करें।
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क्या ना करें
•रात्रि के समय श्राद्ध करना वर्जित है।
•भोजन बनाते हुए मन में क्रोध न रखें।
•संभव हो तो श्राद्ध कर्ता लोहे के पात्र का प्रयोग न करें।
• पितरों के प्रति आस्थावान रहें।
•श्राद्ध कर्म करने वाला व्यक्ति श्राद्धों में मांस मदिरा का सेवन न करें।
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