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Himachal: दूल्हे की तरह सजा, माता-पिता ने नोटों के हार पहनाए, फौजी भाई ने सैल्यूट से दी शहीद को अंतिम विदाई

Sat, 06 May 2023 10:40 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन/शिलाई (सिरमौर)
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शहीद प्रमोद नेगी को दी अंतिम विदाई। - फोटो : संवाद
राजोरी के कांडी जंगल में आतंकियों के बिछाए आईईडी धमाके में शहीद हुए हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव के पैराट्रूपर प्रमोद नेगी (26) को हजारों नम आंखों ने शनिवार को अंतिम विदाई दी। माता तारा देवी ने अपने लाल को दूल्हे की तरह नोटों का हार पहनाकर, पिता देवेंद्र नेगी ने गले लगाकर, बहन मनीषा नेगी ने राखी बांध और सेना में तैनात छोटे भाई ने सैल्यूट कर शहीद प्रमोद को अंतिम विदाई दी।

सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार में शहीद की चिता को पिता और भाई ने मुखाग्नि दी। प्रमोद अविवाहित थे। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और हर आंख नम थी। इस दौरान प्रमोद अमर रहें, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।

इससे पहले हवाई मार्ग से शहीद प्रमोद की पार्थिव देह उत्तराखंड के गरसेन के शहीद रूचिन सिंह रावत के साथ शनिवार दोपहर देहरादून पहुंची थी। इसके बाद देहरादून से सड़क मार्ग से होते हुए जैसे ही तिरंगे में लिपटी प्रमोद की पार्थिव देह शाम 5:00 बजे शिलाई पहुंची, तो समूचे गिरिपार इलाके में चीख-पुकार मच गई।
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शहीद प्रमोद नेगी की अंतिम यात्रा। - फोटो : संवाद
 शाम 6:45 बजे के आसपास वीर सपूत मां भारती की गोद में समा गया। पुलिस व सेना की टुकड़ियों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। प्रमोद आजादी के ही दिन 15 अगस्त 1997 को जन्मे थे।
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शहीद को मा ने पहनाया हार। - फोटो : संवाद
शहीद बेटे प्रमोद नेगी के इंतजार में पिछले 29 घंटे से माता तारा देवी और पिता देवेंद्र नेगी ने पलक भी नहीं झपकी थी। घर पर माता-पिता और बहन मनीषा नेगी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे, तो सेना में तैनात छोटे भाई जवान नितेश नेगी शुक्रवार से ही पार्थिव देह से लिपट-लिपटकर रो रहे थे। 

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शहीद प्रमोद नेगी अमर रहे के लगाए नारे। - फोटो : संवाद
शनिवार को जैसे ही घर से प्रमोद अनंत यात्रा के लिए निकले तो सड़क किनारे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वहीं पहाड़ियों पर बैठे सैकड़ों लोग शहीद की वीरता की गाथा पर चर्चा करते दिखे। 
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फौजी भाई ने सैल्यूट से दी शहीद को अंतिम विदाई - फोटो : संवाद
राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि के दौरान हजारों लोगों की आंखें नम थीं। शनिवार को शहीद के सम्मान में शिलाई बाजार भी बंद रखा गया। शहीद की शहादत पर समूचे गिरिपार में शोक की लहर तो है, लेकिन इलाके के लाखों ग्रामीणों का सीना फख्र से भी चौड़ा हो गया है। समूची शिलाई घाटी प्रमोद नेगी अमर रहे के नारों से गूंज उठी।
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बहनों ने राखी बांध दी अंतिम विदाई। - फोटो : संवाद
उधर, शहीद की माता तारा देवी का कहना था कि प्रमोद अकसर सेना में जाने की जिद करता था। वे कहती थी कि तुम टीचर बनों, लेकिन बेटे की जिद के आगे मां ने भी घुटने टेक दिए।


 
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शहीद को पिता ने पहनाया दूल्हे का हार। - फोटो : संवाद
महज 18 साल की उम्र में प्रमोद नेगी भारतीय सेना की 9 पैरा रेजिमेंट का हिस्सा बन गया। शुक्रवार सुबह राजोरी में आतंकी मुठभेड़ में बहादुर बेटा अदम्य साहस का परिचय देते वक्त वीरगति को प्राप्त हो गया।
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