पैतृक गांव में सेना के जवानों ने सुबह करीब 10 बजे शहीद जोराबर के पार्थिव शरीर को ताबूत में अंतिम दर्शनों के लिए रखा। शहीद की पत्नी रंजना को सबसे पहले इनका चेहरा दिखाया गया। पिता सूबेदार राय सिंह, माता शकुंतला देवी, बेटियां हरीतिका, कृतिका और बेटे रुद्रांश सहित लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए।