राजधानी में पहली मूसलाधार बारिश से लाखों का नुकसान हो गया। छह वार्डों में सीवरेज लाइनें टूट गई हैं। गंदा पानी सड़कों और मोहल्लों में बहने से बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।
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आईजीएमसी सड़क पर भारी बारिश के बाद पानी जमा हो गया है। सड़क पर बड़ी मात्रा में मलवा गिरा है। इसके चलते यहां लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया।
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आईजीएमसी के समीप फुटपाथ पर मूसलाधार बारिश के बाद बड़ी मात्रा में पत्थर और मलवा जमा हो गया है। इसके चलते यहां से आवाजाही ठप्प रही।
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शिमला के पगोग में भारी बारिश के चलते मलवा सड़क पर आ गया। इसके चलते यहां वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
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भट्ठाकुफर में मूसलाधार बारिश के चलते वाहनों पर बड़े-बड़े पत्थर गिरे। इसके चलते कई वाहनों को क्षति पहुंची। लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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संजौली के पास सड़क पर बड़ी संख्या में पत्थर आ गए। इसके चलते वाहनों की आवाजाही ठप रही। पत्थरों के साथ पेड़ भी जड़ से उखड़ गए सड़क पर आ गए।
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शहर में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए महापौर कुसुम सदरेट और उप महापौर राकेश शर्मा ने मंगलवार को विभिन्न वार्डों का दौरा किया।
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मेयर सबसे पहले संजौली के इंजनघर पहुंची। इसके बाद विकासनगर जाकर नुकसान का जायजा लिया।शिक्षा मंत्री सुरक्षा भारद्वाज सहित एमसी के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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भारी बारिश के बाद दूसरे दिन भी शिमला शहर में बरसात का कहर जारी है। सीटीओ चौक के पास येलो लाइन पार्किंग में खड़ी गाड़ियों पर पेड़ गिर गया। इस वजह से कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है।
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संजौली, विकासनगर, खलीनी, कृष्णानगर, लक्कड़ बाजार और टूटीकंडी और भट्ठाकुफर बाईपास सहित कई जगहों पर भूस्खलन होने से आम जनता परेशान रही। यहां पांच गाड़ियां पेड़ के नीचे दब गईं।
सर्कुलर रोड को मालरोड से जोड़ने वाली एचपीटीडीसी की लिफ्ट भी चैंबर में पानी घुसने के कारण ठप हो गई। इसके कारण न सिर्फ बाहरी राज्यों से शिमला आए सैलानियों को परेशानी झेलनी पड़ी बल्कि शिमला के स्थानीय लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा।