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आफत की बारिश, फसलें हुईं जलमग्न, हाईवे पर रेंगते रहे वाहन

Thu, 16 Aug 2018 11:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश में मंगलवार को बारिश का दौर तो थम गया लेकिन दुश्वारियां बढ़ गईं। चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे पर पूरा दिन वाहन रेंगते रहे। जगह-जगह भूस्खलन होने से एनएच पर कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम लगा रहा। 
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rain shimla
सोलन से परवाणू तक का सफर तय करने में सात से आठ घंटे का समय लगा। जिला ऊना के लठियाणी स्कूल भवन की दीवार ढह गई।
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डाढ़ में 10 कनाल से अधिक भूमि बह गई। दो मवेशी भी पानी के तेज बहाव में बह गए। 

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भारी बारिश के कारण थुरल पंचायत के गांव सेंदू में मकान के साथ डंगे में भूस्खलन होने से छह कमरों के मकान को खतरा पैदा हो गया है। 
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चंडीगढ़ शिमला एनएन पर जगह-जगह ताजा भूस्खलन हुअा । कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। वाहनों की रफ्तार थम गई। पर्यटकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। 
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भारी बारिश से नूरपुर विकास खंड के ऊपरली रिट क्षेत्र के 250 से 300 कनाल भूमि पर उगाई गई लाखों की धान की फसल पानी में बह गई। इसमें 30 से ज्यादा किसानों की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
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शिमला-चंडीगढ़ एनएच पर धर्मपुर के पास ट्रैफिक जाम के चलते शहर के लिए अखबार, दूध और सब्जी की सप्लाई लेट हो गई। दस बजे भी शहर में दूध की सप्लाई नहीं पहुंच पाई ।

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हमीरपुर जिला में सोमवार को बारिश के बाद 64 सड़कें और चार एनएच बंद थे। विभाग ने इनमें से 62 सड़कों और तीन एनएच को बहाल कर दिया है। दो सड़कें और एक एनएच मंगलवार को भी बंद रहे। 

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भारी बारिश से अश्वनी खड्ड के पास सड़क बह गई है। इससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। शिमला में कई वाहन अभी भी मलवे के नीचे दफन है। 

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दूसरे दिन भी कालका-शिमला हेरिटेज मार्ग बंद पड़ा है। जगह-जगह मलबा गिरने के कारण ट्रेने नहीं चल पाईं। रेवले कर्मचारी ट्रेक से मलबा हटाने में लगे हैं।

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सोमवार रात और मंगलवार को मंडी में 127, गुलेर में 61, सुन्नी में 60, कोटखाई में 48, कसौली में 45, नाहन में 42, धर्मपुर में 41, नैनादेवी में 40, धर्मशाला में 37, शिमला में 35, सोलन में 34, राजगढ़ में 29, बजौरा में 24, चंबा में 19 और ऊना में 17 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

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 ताजा मौसम पुर्वानुमान के अनुसार राज्य के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने बारिश को लेकर जारी 16 और 17 अगस्त की चेतावनी रद्द कर दी है। 

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उधर, कांगड़ा जिले में मूसलाधार बारिश का दौर सोमवार रात को भी जारी रहा। लंज-सलोल सड़क पर पहाड़ी दरकने से लंज-सलोल मार्ग बंद हो गया। पहाड़ी गिरने की वजह से बिजली के पोल टूट गए, इससे कई क्षेत्रों में अंधेरा पसरा रहा। 

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जसूर के ठंगर में पुली ढह जाने से जसूर-गंगथ-इंदौरा मार्ग बंद हो गया। जसूर के भंडारी मोहल्ले में पानी घुस गया। छतरोली रेलवे पुल के साथ पानी का तेज बहाव निकला, जिसके चलते रेल यातायात ठप हो गया।

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चंबा की ग्राम पंचायत झज्जाकोठी में कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हो गया। बिजली के पोल टूटने और फीडर खराब होने से मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी कई जगह बिजली गुल रही। हालांकि, कई दिन बाद मंगलवार को दिल्ली-भुंतर और भुंतर-चंडीगढ़ के लिए हवाई उड़ानें हुईं। 

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शिमला-धर्मशाला एनएच पर टिक्कर के पास पुल गिरने से शिमला, चंडीगढ़ और धर्मशाला जाने वाले वाहनों को तीस से चालीस किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करके जाना पड़ रहा है। 

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मूसलाधार बारिश के कारण दियोठी में निजी भूमि पर लगा डंगा नाले के तेज बहाव में बह गया। इसके अलावा गांब भलून के निवासी होशियार सिंह के 30 कनाल के खेत में लगी सब्जी भी बाढ़ में बह गई, जिससे उसको तीन लाख रुपये का नुकसान हो गया। 

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भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग राष्ट्रीय उच्च मार्ग के केरू पहाड़ पर भारी भरकम भूस्खलन होने से बाधित है। मंगलवार देर शाम तक हाईवे बहाल नहीं हो पाया था।  
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प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला को जोड़ने वाली कड़छम सांगला सड़क तीसरे दिन भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई। रेकसानतंग के नजदीक रविवार दोपहर पहाड़ी से चट्टानें खिसकने से 55 फुट लंबी सड़क पूरी तरह से बाधित हो गई है। 
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