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किन्नौर हादसा: 16 दिन बाद फिर टूटा मौत का पहाड़, तस्वीरों में देखें खौफनाक मंजर

Wed, 11 Aug 2021 11:48 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, भावानगर (किन्नौर)
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किन्नौर में भूस्खलन के बाद का मंजर। - फोटो : pti
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में 16 दिन बाद एक बार फिर पहाड़ से लोगों पर मौत का कहर टूटा है। बुधवार सुबह करीब 11:56 बजे भावानगर से 10 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे-5 पर निगुलसरी के पास यात्रियों से भरी एचआरटीसी बस, ट्रक, दो कारों और अखबार की गाड़ी पर चट्टानें गिर गईं, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई है। 40 से ज्यादा लोग अभी लापता हैं जबकि 13 घायलों को मलबे से निकाल लिया गया है।

बता दें इससे पहले 25 जुलाई 2021 को किन्नौर जिले के बटसेरी में सांगला-छितकुल मार्ग पर पहाड़ी से गिरीं चट्टानों की चपेट में एक पर्यटक वाहन आ गया था। हादसे में टेंपो ट्रैवलर में सवार नौ पर्यटकों की मौत हो गई थी। हादसा इतना भयानक था कि वाहन चट्टानों के साथ 600 मीटर नीचे बास्पा नदी के किनारे दूसरी सड़क पर जा गिरा था। पत्थर गिरने से लोहे का एक पुल भी ध्वस्त हो गया था। 
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निगुलसरी में गिरीं चट्टानें - फोटो : ani
राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 पर निगुलसरी के थाच नाले के पास बुधवार सुबह 11.56 बजे जैसी ही पहाड़ी से चट्टानें गिरने लगीं, पूरे जिले में खलबली मच गई। सूचना मिलते ही जनजातीय क्षेत्र के लोग मदद के लिए निगुलसरी पहुंच गए। सेना, 17वीं वाहिनी आईटीबीपी की तीन बटालियन के 200 जवान, एनडीआरएफ टीमें, पुलिस, प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन और होमगार्ड जवान मौके पर पहुंचे और घायलों के लिए देवदूत बने।
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क्षतिग्रस्त ट्रक। - फोटो : pti
सेना, एनडीआरएफ जवानों ने बड़ी-बड़ी चट्टानों को हटाकर उसमें दबे घायलों और शवों को निकाला। वहीं, उपायुक्त किन्नौर आबिद  हुसैन सादिक और एसपी किन्नौर एसआर राणा, एसडीएम निचार मनमोहन सिह, भावानगर से डीएसपी राजू पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी भी घायलों का उपचार करने घटनास्थल तक पहुंच गईं।

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मलबे में दबी कार। - फोटो : pti
भूस्खलन के चपेट में आए लोगों को जीवित देखने के लिए उनके परिजन और रिश्तेदार बिलखते रहे और सभी लोग अपनों की तलाश करने में जुटे रहे। रेस्क्यू टीम करीब एक घंटे तक भूस्खलन के रुकने का इंतजार करती रही।
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मौके पर आईटीबीपी की टीम - फोटो : pti
आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे ने बताया कि निगुलसरी में नेशनल हाईवे-5 पर भूस्खलन घटनास्थल पर आईटीबीपी की तीन बटालियन के करीब 200 जवान हैं। पहाड़ी से लगातार चट्टानें गिर रही हैं। इस वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है।  
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मलबे में दबी कार। - फोटो : pti
 भूस्खलन की चपेट में आई एचआरटीसी बस के सुरक्षित बचे चालक महेंद्र पाल ने चट्टानें गिरने के खौफनाक मंजर को अपनी आंखों के सामने देखा है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह बस लेकर रिकांगपिओ से हरिद्वार जा रहे थे। बस में करीब 25 यात्री सवार थे। निगुलसरी के समीप पहुंचने पर चालक ने देखा कि सामने की पहाड़ी से चट्टानें गिर रही हैं।
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हादसे की जगह पर सर्च अभियान - फोटो : pti
उसने बस को 100 मीटर पीछे ही रोक दिया। यहीं पर ही अन्य वाहन भी रुक गए जिनमें कार, अखबार की गाड़ी और ट्रक शामिल थे। महेंद्र पाल ने बताया कि यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था कि बस सड़क से गुजर पाएगी या नहीं। चालक महेंद्र पाल और कंडक्टर बस से उतरकर पैदल सड़क पर निकले, लेकिन जैसे ही वे सड़क पर थोड़ा और आगे चले तो पीछे से चट्टानें ठीक हमारे ऊपर पहाड़ी से गिरने लगीं।
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