इसरो आब्जर्बेटरी सेंटर कुल्लू के अध्ययन से खुलासा हुआ है कि ग्लेशियर पिघलने से बनी झीलें कभी भी तबाही मचा सकती हैं ।
विज्ञापन
PICS: खूबसूरत झीलें 'वॉटर बम' बनकर लाएंगी तबाही
3 of 8
ग्लोबल वार्मिगिं से ग्लेशियर चिंताजनक गति से पिघलने लगे हैं। ग्लेशियरों के पिघले पानी से हिमालयी पहाड़ों पर एक दर्जन छोटी-बड़ी झीले बन गई हैं।
PICS: खूबसूरत झीलें 'वॉटर बम' बनकर लाएंगी तबाही
4 of 8
हिमाचल की सतलुज, चिनाब, ब्यास, और मंदाकिनी नदियों के स्रोतों के समीप बनी इन झीलों के बढ़ते आकार को खतरनाक माना जा रहा है।
विज्ञापन
PICS: खूबसूरत झीलें 'वॉटर बम' बनकर लाएंगी तबाही
5 of 8
वैज्ञानिकों के मुताबिक झीलों में पानी का दबाव इतना बढ़ जाता है कि यह टूटने पर ‘वाटर बम’ बनकर भयंकर तबाही मचा सकती है। इसे केदारनाथ, पारछू झील टूटने से सतलुज में आई भयंकर बाढ़ के रूप में देखा जा चुका है। सभी फोटो इसरों सेंटर से उपलब्ध हुई हैं।
विज्ञापन
PICS: खूबसूरत झीलें 'वॉटर बम' बनकर लाएंगी तबाही
6 of 8
मनाली आब्जर्बेटरी सेंटर इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन) के वैज्ञानिक के.कुलकर्णी और जीवी पंत पर्यावरण अनुसंधान केंद्र मौहल के वैज्ञानिक डा.जेसी कुनियाल के अनुसार लाहौल गेपांग झील हिमाचल की सबसे खतरनाक झील का रूप धारण कर चुकी है।
विज्ञापन
PICS: खूबसूरत झीलें 'वॉटर बम' बनकर लाएंगी तबाही
7 of 8
इससे मनाली-लेह नेशनल हाईवे के अलावा सिस्सू गांव को खतरा है। वहीं, पार्वती ग्लेशियर भी तेज गति से पिघल रहा है। स्थानीय गांव के लोगों के सूचना देने पर स्थिति का पता चल पाया है।
वैज्ञानिक जेसी कुनियान ने बताया कि हिमालयी नदियों के पास बनी झीलें भारत इंडो-गंगेटिक क्षेत्र के अलावा पाकिस्तान, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल में दबाव बढ़ने पर कहर बरपा सकती हैं। लाहौल के विधायक रवि ठाकुर गेपांग घाट झील का जिला प्रशासन से मुआयना करा चुके हैं। नीलकंठ के समीप ग्लेशियरों पर बनी आधा दर्जन झीलें देखकर वह हैरान रह गए।