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इंदिरा को हिमाचल से था खास लगाव, हाड़ कंपा देने वाली ठंड में की थी ये घोषणा, देखें दुर्लभ तस्वीरें

Tue, 19 Nov 2019 02:10 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
आज देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का आज जन्मदिन है। 19 नवंबर को ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में इंदिरा का जन्म हुआ था। इंदिरा गांधी भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रही हैं।  कहा जाता है कि इंदिरा को पहाड़ों से खास लगाव था। यही वजह थी कि जब भी उन्हें मौका मिलता वह यहां पहुंच जाती थीं। इंदिरा कई बार हिमाचल आई थीं। विशेषकर शिमला से उनका गहरा नाता रहा और यहां कई ऐतिहासिक समझौतों-फैसलों की गवाह बनीं।
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पूर्ण राज्यत्व की घोषणा करतीं इदिरा - फोटो : सोशल मीडिया
हिमाचल को हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच पूर्ण राज्यत्व का अधिकार मिला था। 25 जनवरी, 1971 को बर्फ के फाहों के बीच देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शिमला के रिज मैदान से ऐलान किया था। उन्होंने कहा था-'मैं तो प्रदेश के लोगों को केवल शुभकामनाएं देने आई हूं। लोगों ने जिस साहस और बहादुरी से प्रदेश को मजबूत करने का काम किया है, वह अपने आप में मिसाल है।' उन्होंने मंच से यह उम्मीद जताई थी कि भविष्य में लोग मेहनत और जज्बे से प्रदेश को आगे ले जाने का कार्य करेंगे।
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शिमला में इंदिरा गांधी - फोटो : सोशल मीडिया
इंदिरा गांधी के इस ऐलान का 30 मिनट का वीडियो फुटेज आज भी मौजूद है। इसमें हिमाचल को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा देने की घोषणा से लोगों में जबरदस्त उत्साह नजर आता है। कड़ाके की सर्दी के बीच भी प्रदेश भर की जनता इंदिरा को सुनने के लिए पहुंची थी। इस राज्य को बनाने में स्वतंत्रता सेनानी और सिरमौर के रहने वाले पूर्व मंख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार की भूमिका महत्वपूर्ण थी। पूर्ण राज्यत्व बनने के बाद डॉ. वाईएस परमार ही पहले मुख्यमंत्री बने थे।

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हिमाचली टोपी पहने इंदिरा गांधी
कई दुर्लभ तस्वीरें आज भी इंदिरा गांधी के हिमाचल दौरे की यादों को ताजा करती हैं। इसमें पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के साथ हिमाचली टोपी पहने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भी कई दुर्लभ तस्वीरें शामिल हैं।
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डॉ. वाईएस परमार व वीरभद्र सिंह के साथ - फोटो : सोशल मीडिया
इस चित्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री वाईएस परमार और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के साथ हैं। पूर्व प्रधानमंत्री को हिमाचल के इन दो दिग्गज नेताओं पर बेहद भरोसा था। वह कई बार राजीव गांधी के साथ भी शिमला आई थीं और कई दिन हिमाचल में छुट्टियां बिताई।
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शिमला समझौता - फोटो : सोशल मीडिया
राजभवन में आज भी शिमला समझौते की निशानियां मौजूद हैं। दो जुलाई 1972 को बार्नेस कोर्ट शिमला में यह समझौता भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद हुआ था। इस समझौते को दोनों देशों की संसदों में भी बहाल किया गया था। यह समझौता भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुआ था। इसी समझौते में तय किया गया था कि दोनों देश शांतिपूर्ण माध्यम से अपने मसलों का समाधान करेंगे। तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं होने देने पर सहमति बनाई गई थी।
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शिमला समझौते के दौरान इंदिरा गांधी - फोटो : सोशल मीडिया
यहां तक स्पष्ट किया गया कि खुद संयुक्त राष्ट्र संघ का भी दोनों देशों के मसलों खासकर कश्मीर मसले में हस्तक्षेप नहीं होगा। इसी समझौते में सीजफायर लाइन को लाइन ऑफ कंट्रोल में बदला गया था। राजभवन शिमला में आज भी इस समझौते से संबंधित निशानियां मौजूद हैं। कई पर्यटक जब भी शिमला आते हैं तो वे शिमला समझौते से जुड़ी इन चीजों को देखने की इच्छा जताते हैं। राजभवन में सभी पर्यटकों का प्रवेश संभव नहीं है। 
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