फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HPBOSE 12th Toppers: किसी का सपना आईएएस, कोई बनना चाहता है डॉक्टर, जानें टॉपरों की सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी

Sat, 18 Jun 2022 09:35 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्मिला/शाहपुर(कांगड़ा)/ऊना/बिलासपुर/हमीरपुर/सोलन
विज्ञापन
1 of 10
HPBOSE 12th Toppers - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने शनिवार को 12वीं कक्षा का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। परिणाम 93.90 प्रतिशत रहा। कला संकाय में बेटियों ने क्लीन स्वीप कर दिया है। मेरिट लिस्ट में पहले 10 स्थानों पर बेटियों ने कब्जा कायम किया।  बिलासपुर की वाणी गौतम पहले 98.8% (494/500) लेकर टॉप किया है। कॉमर्स संकाय में पहले सात स्थानों पर बेटियों ने बाजी मारी है। तनिषा भारद्वाज 98% अंकों के साथ पहले स्थान पर (490/500) पर रही हैं।  क्षितिज, शगुन और अक्षिता ने संयुक्त रूप से विज्ञान संकाय में प्रदेशभर में टॉप किया है।

तीनों ने 98.6% (493/500) अंक हासिल किए हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि 12वीं कक्षा की परीक्षा में 88013 छात्र बैठे थे। इनमें 44851 छात्र और 43162 छात्राएं हैं। 82342 विद्यार्थी परीक्षा में पास हुए हैं। 327 छात्र परीक्षा से अनुपस्थित रहे। 1889 विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं। 3379 छात्रों को कंपार्टमेंट आई है।  परीक्षा में टॉपर रहे मेधावियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को दिया है। जानें टॉपरों ने कैसे पाई सफलता और भविष्य में किस क्षेत्र में जाना है सपना...
विज्ञापन

2 of 10
विज्ञान संकाय की टॉपर अक्षिता शर्मा। - फोटो : संवाद
डॉक्टर बनना चाहती हैं साइंस की टॉपर अक्षिता
बिलासपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं की मेडिकल की छात्रा अक्षिता शर्मा डॉक्टर बनना चाहती हैं। उन्होंने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा में 98.8 फीसदी अंक लेकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान पाया है। अक्षिता ने दसवीं के बाद ठान लिया था कि वह 12वीं में टॉप करेंगी। इसके लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने बताया कि वह घर के काम में हाथ बंटाने के साथ रोजाना 10 से 11 घंटे पढ़ाई करती हैं। अक्षिता ने अपनी कामयाबी का श्रेय गुरुजनों और माता-पिता को दिया है। अक्षिता के पिता देशराज शर्मा अध्यापक हैं। माता दीपा कुमारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। अक्षिता ने 500 में से 493 अंक लिए हैं। अक्षिता ने बताया कि दसवीं में उन्होंने 96 प्रतिशत से अधिक अंक लेकर मुख्यमंत्री स्वर्ण जयंती सुपर सौ योजना के तहत एक लाख की राशि पारितोषिक रूप में प्राप्त की थी। 10वीं में जिले में टॉप करने पर जिलाधीश ने भी 5,000 की राशि दी थी।
विज्ञापन

3 of 10
कला संकाय की टॉपर वाणी गौतम। - फोटो : संवाद
प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहती हैं वाणी गौतम 
शहीद विजयपाल मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल घुमारवीं की वाणी गौतम ऑल ओवर रैकिंग में टॉप पर रही हैं। वाणी ने 500 में से 494 अंक हासिल कर आर्ट्स संकाय में प्रदेश में पहला स्थान पाया है। उन्होंने 98.8 फीसदी अंक हासिल किए हैं। वाणी गौतम प्रशासनिक अधिकारी बनकर जनसेवा करना चाहती हैं। वाणी घुमारवीं उपमंडल की डंगार पंचायत के सौग गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता पंचायतीराज विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर झंडूता में तैनात हैं। माता सीमा घुमारवीं में एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। वाणी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, चाचा विनय गौतम और शिक्षकों को दिया है। वाणी ने बताया कि बच्चे अपनी पढ़ाई पर फोकस रखें तथा सोशल मीडिया से दूर रहें। पढ़ाई के लिए घंटे ज्यादा अहमियत नहीं रखते हैं। अपने लक्ष्य पर ध्यान रखें। खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने स्कूल पहुंचकर बेटी को पुरस्कृत किया।

4 of 10
क्षितिज। - फोटो : संवाद
अपने लक्ष्य पर फोकस करें:  क्षितिज 
न्यू गुरुकुल पब्लिक स्कूल गोपालनगर के क्षितिज शर्मा पुत्र गगन कुमार ने बारहवीं के विज्ञान संकाय में 493 अंक लेकर प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया। क्षितिज गांव लंबलू तहसील एवं जिला हमीरपुर का रहने वाला है। क्षितिज का सपना वैज्ञानिक बनने का है। इसके लिए वह रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करता है। क्षितिज ने दो वर्ष पूर्व दसवीं की मेरिट सूची में भी 690 अंक लेकर प्रदेश भर में दूसरा स्थान हासिल किया है। छात्र के पिता गगन कुमार और माता जगिता देवी दोनों अध्यापक हैं। छात्र ने अपनी उपलब्धि का श्रेय गुरुजनों, माता-पिता और रिश्तेदारों को दिया है। 
 
विज्ञापन

5 of 10
तनिषा भारद्वाज - फोटो : संवाद
तनिषा का सपना सीए बनना
कॉमर्स संकाय में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने वाली तनीषा भारद्वाज चार्टर्ड अकाउंटेंट(सीए) बनना चाहती हैं। तनीषा का मानना है कि पढ़ाई को अंकों के पीछे दौड़ के बजाय ज्ञानवर्धन के लिए किया जाना चाहिए। इससे बेहतर अंक खुद आ जाएंगे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ठठल की छात्रा तनीषा भारद्वाज ने 12वीं कक्षा बोर्ड परीक्षा में 500 में से 490 अंक (98 प्रतिशत) हासिल किए। तनीषा ने बताया कि स्कूल के अलावा वह प्रतिदिन पांच से छह घंटे तक खुद पढ़ाई करती थीं। इसके अलावा उसने कहीं से किसी प्रकार की ट्यूशन नहीं ली। कोविड काल के चलते स्कूलों में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई पर तनीषा का कहना है कि किसी भी बात को लेकर उसे कोई संशय होता था तो वह अपने अध्यापकों से संपर्क करती थीं। कहा कि उसे पढ़ाई में माता-पिता के अलावा स्कूल के अध्यापकों का पूरा सहयोग मिला। तनीषा को पढ़ने और बैडमिंटन खेलने का शौक है। उसके पिता त्रिभुवन भारद्वाज एक स्थानीय निजी उद्योग में कार्यरत हैं। जबकि माता सीमा देवी गृहिणी हैं। उसका बड़ा भाई विद्यांश जेईई मेन की तैयारी कर रहा है। तनीषा की कामयाबी पर उसके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया है। नपं अध्यक्ष इंदू बाला, पूर्व विधायक नवीन धीमान, स्कूल प्रधानाचार्य कलदेव शर्मा सहित स्टाफ सदस्यों ने भी तनीषा को उसके घर जाकर शुभकामनाएं दीं।
 
विज्ञापन

6 of 10
शशवी - फोटो : संवाद
शशवी पिता को मानती हैं रोल मॉडल
कांगड़ा जिले के शाहपुर के द न्यू एरा स्कूल ऑफ साइंसेज छतड़ी की छात्रा शशवी ने 483 अंक लेकर मेरिट सूची में जगह बनाई है।  शशवी की माता शशिवाला गृहणी और पिता केवल सिंह को अपना रोल मॉडल मानती हैं। शशवी ने बताया कि वह गांव व डाकघर बग्गा, तहसील ज्वाली की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि इस सफलता का श्रेय वह अपने माता-पिता और खास कर अपने स्कूल अध्यापकों को देना चाहती हैं, क्योंकि उन्होंने कोविड काल में भी पूरी स्पोर्ट की और हर कांसेप्ट को अच्छे से क्लियर किया है। वह डॉक्टर बनकर अपने समाज के लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
विज्ञापन

7 of 10
तनवी। - फोटो : संवाद
आईएएस बनना चाहती हैं तनवी
सोलन जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोजजनगर की तनवी ने प्रदेशभर में कला संकाय में 500 में से 489 अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया है। तनवी आईएएस बनना चाहती हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता और अध्यापकों को दिया है। वहीं स्कूल प्रधानाचार्य भीमा ठाकुर ने कहा की तनवी काफी मेहनती हैं। उन्होंने सभी अध्यापकों और अभिभावकों को बधाई दी है।

8 of 10
मनस्वी। - फोटो : संवाद
सर्जन बनकर लोगों की सेवा करना चाहती हैं मनस्वी
शिक्षा बोर्ड का 12वीं कक्षा की परीक्षा परिणाम में शाहपुर के द न्यू एरा स्कूल ऑफ साइंसेज छतड़ी की छात्रा मनस्वी  ने 485 अंक लेकर आठवां स्थान हासिल किया है। मनस्वी की  माता दीप्ति महाजन व पिता बलराम महाजन अध्यापक हैं। तहसील सिहुंता जिला चंबा से संबंध रखते हैं। मनस्वी ने अपनी सफलता का श्रेय अध्यापकों व अपने अभिभावकों विशेष रूप से अपने दादा-दादी व नाना-नानी को दिया। मनस्वी ने बताया कि वह एक शल्य चिकित्सक के रूप में समाज की सेवा करना चाहती है।

9 of 10
डॉक्टर बनना चाहती हैं सुहानी - फोटो : संवाद
डॉक्टर बनना चाहती हैं सुहानी
लिली लिटिल फ्लॉवर पब्लिक स्कूल बाड़ी रंगस की सुहानी पुत्री प्रदीप कुमार ने विज्ञान संकाय में 484 अंक लेकर प्रदेश में नौवां स्थान हासिल किया है। सुहानी गांव रंगस तहसील नादौन जिला हमीरपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता प्रदीप कुमार भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता रेणू वाला गृहणी हैं। सुहानी वर्तमान में नीट की तैयारी कर रही हैं और भविष्य में चिकित्सक बनना चाहती हैं।
विज्ञापन

10 of 10
शगुन राणा - फोटो : संवाद
आर्थिक तंगी भी नहीं रोक पाई शगुन के हौसलों की उड़ान
 नगरोटा बगवां के गांव अमतराड़ के सामान्य परिवार की बेटी शगुन राणा ने गरीबी जैसी विपरीत स्थितियों के बावजूद 12वीं की परीक्षा में प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल कर आखिर अपने सपने को साकार कर लिया। शगुन दसवीं की परीक्षा में भी वह प्रदेशभर में तीसरे स्थान पर रही थी। ईशान पब्लिक स्कूल हार समलोटी की इस होनहार छात्रा ने न केवल अपने परिवार और स्कूल, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शगुन ने बताया कि वह अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। उसके पिता उत्तम राणा सिविल अस्पताल नगरोटा बगवां में बतौर सुरक्षाकर्मी कार्यरत हैं। माता चंद्रेश कुमारी गृहिणी हैं। उसे घर के कामों से पूरी छूट दी गई है, इसीलिए वह अपना यह लक्ष्य हासिल करने में कामयाब रही। उसने बताया कि स्कूल प्रशासन की ओर से बीते दो वर्षों से उसे निशुल्क पढ़ाई कराई गई। शगुन ने बताया कि अब वह इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारना चाहती है और इसके लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें