फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानलेवा बनी बरसात, नदी में बाढ़, दीवार ढहने से बच्चे समेत तीन की मौत

Sun, 12 Aug 2018 07:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
1 of 11
पिछले चौबीस घंटे की बारिश ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मचाई है। सोलन जिले में सरसा नदी की बाढ़ से तीन लोगों की मौत हो गई। नदी का पानी बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र में घुस आया। पानी के तेज बहाव से एक दीवार ढहकर झुग्गी पर जा गिरी, जिसमें सो रहे दंपती और उनके चार साल के बच्चे की दबकर मौत हो गई। उधर, बिलासपुर में चट्टानें गिरने से चंडीगढ़-मनाली हाईवे तीन घंटे तक बंद रहा।
विज्ञापन

2 of 11
मंडी में भूस्खलन से नेरचौक-ऊना सुपर एक्सप्रेस हाईवे बंद हो गया है। चंबा में मूसलाधार बारिश के बाद नालों में आई बाढ़ से दो मवेशियों समेत उपजाऊ भूमि बह गई। तेज बारिश से कई मकान और गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। नदी-नालों के आसपास वाले इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, खराब मौसम के चलते हवाई उड़ानें भी प्रभावित रहीं। रविवार को दिल्ली-भुंतर और भुंतर-चंडीगढ़ की उड़ानें नहीं हो सकीं।
विज्ञापन

3 of 11
जानकारी के अनुसार सोलन जिले में शनिवार से हो रही बारिश रात भर जारी रही। बरोटीवाला के पास से बहने वाली सरसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। बाढ़ का पानी तटीय इलाके में घुस गया। नदी के तट से कुछ ऊंचाई पर पांच झुग्गियों में प्रवासी परिवार रह रहे हैं। चार झुग्गियों से लोगों ने बाढ़ का खतरा भांप भाग कर जान बचाई। लेकिन एक परिवार वहीं सोया रह गया। पानी के बहाव से औद्योगिक क्षेत्र में बनाई गई दीवार सुबह करीब साढ़े छह बजे भरभराकर गिर गई।

4 of 11
दीवार से बिल्कुल सटकर बनाई गई झुग्गी दीवार के मलबे में दब गई जिसमें सो रहे मध्यप्रदेश के छतरपुर निवासी राजू (32), उसकी 24 वर्षीय पत्नी और चार साल का बेटा राहुल चपेट में आ गए। बाद में लोगों ने तीनों को बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को पीजीआई रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन

5 of 11
लेकिन पीजीआई ले जाते चार साल के राहुल ने दम तोड़ दिया। बाद में घायल दंपती की भी पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। तहसीलदार मुकेश शर्मा ने बताया कि हादसे में तीन लोग मारे गए हैं। मृतकों के परिजनों को 20 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है। शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

6 of 11
सोलन में तेज बारिश से पहाड़ी दरक गई जिससे सुबाथू कुठाड़ मार्ग बाधित हो गया। सुबह छह बजे मलबा सड़क पर आ गया। दोनों तरफ घंटों वाहनों की कतारें लगी रहीं। लोनिवि ने पांच घंटे बाद मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया। जिले में बारिश से फसलों को भी नुकसान हुआ है। चंबा जिले में मूसलाधार बारिश से ग्राम पंचायत रजेरा के रेईका में संगेठ और थल्ला नालों में बाढ़ आ गई। अचानक उफने नालों में दो खच्चरें बह गईं।
विज्ञापन

7 of 11
हालांकि, ग्रामीणों ने चार खच्चरों को बचा लिया। बाढ़ से आधा दर्जन ग्रामीणों के खेत की फसल बह गई। उधर, तत्वानी के पास भरमौर-पठानकोट एनएच का डंगा धंस जाने से यातायात ठप हो गया। यातायात को बालू-वाया सरोथा-हरदासपुरा से चलाया गया है। वहीं, शनिवार देर रात की बारिश से आधा दर्जन संपर्क मार्ग बंद हो गए। 

8 of 11
बिलासपुर जिले में एनएच पर छड़ोल के पास चट्टानें गिरने से सुबह 7 बजे से सवा दस बजे तक चंडीगढ़-मनाली हाईवे बंद रहा। शाहतलाई के घराण में दो गोशालाएं गिर गई हैं। ल्हासे गिरने से तलाई-जड्डू-बड़सर सड़क भी बंद हो गई है। हमीरपुर में उपमंडल भोरंज की लगमन्वीं पंचायत के मन्वीं गांव में रविवार तड़के चार बजे स्लेटपोश मकान ध्वस्त हो गया।

9 of 11
मंडी जिले में खराब मौसम के चलते सुपर एक्सप्रेस हाईवे नेरचौक-जाहू-ऊना भूस्खलन से बंद हो गया है। वहीं, कोटरोपी के पास पठानकोट-मंडी एनएच बहाल नहीं हो सका है। रविवार को भी वाहनों की आवाजाही वैकल्पिक मार्गों से ही होती रही। कांगड़ा जिले में कौलापुर पंचायत के गांव दोदूं ब्राह्मणा में दो स्लेटपोश गोशालाएं जमींदोज हो गई। किन्नौर और रामपुर में पिछले दिनों की बारिश से बाधित सांगला छितकुल संपर्क मार्ग बंद पड़ा है।

10 of 11
सड़क का 18 मीटर हिस्सा धंसने से 12 पंचायतों का संपर्क कटा हुआ है। सिरमौर में मौसम तो साफ रहा लेकिन चार दिन से बंद पड़े हरिपुरधार-नाहन मार्ग पर रविवार को भी पत्थर गिरते रहे। वाहनों की आवाजाही नौहराधार से हो रही है। कुल्लू जिले में भूस्खलन और डंगों के ढहने से आधा दर्जन मार्ग बंद रहे। जबकि, दर्जन भर रूटों पर निगम की बसों को गंतव्य तक नहीं भेजा गया।
विज्ञापन

11 of 11
भारी बारिश की चेतावनी, अलर्ट जारी- भारी बारिश की चेतावनी के बीच रविवार को प्रदेश भर में दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को भी लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर समूचे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 18 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम के तेवरों को देख सरकार ने भी जिलों को अलर्ट कर दिया है। रविवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न इलाकों में जमकर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कांगड़ा में 72.2,  नयनादेवी में 131, गगल में 72, कंडाघाट में 45, जुब्बड़हट्टी (शिमला) में 49, नाहन में 11, डलहौजी में 14, ऊना में 64.6 और धर्मशाला में 14.2 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें