गेंदे के एक पौधे पर 865 फूल खिलाने वाले सोलन के खुंभ अनुसंधान केंद्र चंबाघाट के वैज्ञानिक डॉ. बृज लाल अत्री का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल हो गया। करीब चार वर्ष पूर्व हासिल इस उपलब्धि के लिए उन्हें बीते दिन लिम्का बुक की तरफ से प्रमाणपत्र मिला।
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- फोटो : अमर उजाला
डॉ. अत्री ने वर्ष 2015 में यह कारनामा किया था। इसके वीडियो और फोटो उन्होंने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए भेजे थे। डॉ. अत्री के पत्राचार के बाद इसके सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने मुक्तेश्वर नैनीताल (उत्तराखंड) में यह गेंदे का फूल उगाया था।
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इस पौधे में 865 फूल खिले, जो एक रिकॉर्ड था। डॉ. अत्री ने इसे लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स गुड़गांव (हरियाणा) भेजा जो 2017 के रिकॉर्ड में शामिल कर लिया। अब करीब चार साल बाद उन्हें प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है।
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ऐसे मिली मंजिल
डॉ. अत्री ने बताया कि वर्ष 2015 में उनका ध्यान सब्जी उगाने की तरफ था। इसके लिए मुक्तेश्वर में एक क्यारी बना रखी थी। जहां उन्होंने गेंदे का फूल भी उगा दिया। सब्जियों को मिल रहे पानी व खाद से यह फूल कुछ ही समय में बहुत फैल गया, लेकिन काफी समय तक इसमें फूल नहीं उगे।
आखिर में पौधे को उखाड़ने की सोची तो चमत्कारिक रूप से इसमें एक साथ कई फूल उगने शुरू हो गए। यह पौधा एक मीटर लंबा और इतना ही चौड़ा था। फूलों की गिनती के लिए इसे कई भागों में बांटा।