पुलवामा आतंकी घटना से हिमाचल की सेब बागवानी भी प्रभावित हो रही है। इन दिनों कश्मीर से पौधारोपण के लिए नई पौध नहीं आ रही है।
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महीने भर से कश्मीर से बड़ी मात्रा में पौधे हिमाचल आए, लेकिन अब पुलवामा घटना के बाद प्रदेश के बागवानों के लिए भी पौधे नहीं मिलने के कारण संकट की स्थिति पैदा हो गई है। दरअसल प्रदेश में अच्छी बारिश हाेने के कारण सेब बागवानों को अच्छी किस्म के पौधों की दरकार है।
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हर साल कश्मीर से बड़ी संख्या में सेब के पौधे हिमाचल मंगवाए जाते हैं। ट्रकों के हिसाब से सेब की पौध आने पर यह बागवानों को भी रियायती दामों पर मिलती है। यानी बागवानों को 10 से 15 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से ये आसानी से मिल जाते हैं।
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मगर पुलवामा में आतंकी हमले के बाद कश्मीर से ट्रकों का आना बंद हो गया है। लिहाजा प्रदेश के सेब बागवानों को पौधे नहीं मिल पा रहे हैं। कश्मीर के नर्सरी उत्पादकों का सबसे बड़ा बाजार हिमाचल है।
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हिमाचल के शिमला, कुल्लू, मंडी, सिरमौर, किन्नौर आदि सेब उत्पादक जिलों में इन पौधों की खूब मांग रहती है। कोटखाई तहसील के गुम्मा क्षेत्र के स्थानीय नर्सरी उत्पादक अनवर ने बताया है कि कश्मीर से पिछले दिनों से बहुत कम सेब के पौधे ही हिमाचल आ रहे हैं।
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पुलवामा घटना के बाद नाममात्र के पौधे ही आ रहे हैं। ये कुल्लू के रास्ते ही शिमला पहुंच रहे हैं। ठियोग की कमाल पंचायत के बसमोल गांव के नर्सरी उत्पादक कुलदीपकांत शर्मा ने भी यही बात कही। कुलदीपकांत ने कहा कि हालांकि वे कश्मीरी पौध को एक महीने पहले ही मंगवा चुके हैं।
सेब बहुत क्षेत्र कोटखाई तहसील की बखोल पंचायत के बागवान संजीव चौहान का कहना है कि पिछले कुछ समय तक इस साल कश्मीर से दस से पंद्रह लाख पौधे हिमाचल मंगवाए गए हैं। ये पिछले दिनों तक आ चुके हैं। यह सही है कि आतंकवाद के कारण आजकल कम पौधे आ रहे हैं।