जब बेटी प्रतिभा की धनी हो तो हर पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। गरीबी की जंजीरों को तोड़ हर बाप बेटी का सपना पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ता। हिमाचल के कुल्लू जिले की पायल ठाकुर के पिता तेविंद्र कुमार भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं।
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वे पेशे से तो ऑटो चालक हैं। पायल भी प्रतिभा की इतनी धनी हैं कि आंखों की रोशनी न होने के बावजूद उन्होंने गायन क्षेत्र में दमदार एंट्री की है।
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पायल ठाकुर जीटीवी पर प्रसारित होने वाले रिएलिटी शो सारेगामापा लिटिल चैंप के दूसरे राउंड में पहुंच गई हैं। वह 11 साल की हैं।
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आंखों से देख नहीं सकती हैं। बावजूद इसके हिम्मत नहीं हारी। शायद संगीत के प्रति लगाव और मेहनत ने ही पायल को इस मुकाम तक पहुंचाया है।
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अपनी माता सुनीता ठाकुर और मामा के साथ सारेगामापा के मंच पर पहुंचते ही पायल ने अपनी आवाज से हर किसी का मन मोह लिया।
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शो के जज भी पायल की आवाज के दीवाने हो गए। पायल ने बॉलीवुड फिल्म दबंग का नैना गीत गाया। उनकी प्रतिभा देख पार्श्व गायिका नेहा कक्कड़ भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं और अपनी सीट से उठकर पायल के पास जाकर उसे गले लगा लिया।
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नेहा कक्कड़ ने पायल से उनके पिता के व्यवसाय के बारे में पूछा। पायल ने कहा कि वे ऑटो चलाते हैं।
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इस पर पार्श्व गायिका नेहा कक्कड़ ने पायल के पिता को टैक्सी देने की पेशकश की। गायक हिमेश रशमिया ने भी पायल के हुनर को काफी सराहा।
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उन्होंने पायल को दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणा बताया, जो स्पेशल है। पायल ठाकुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुल्तानपुर की छात्रा हैं।
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जीटीवी के शो सारेगामापा लिटिल चैंप में पायल ठाकुर की कामयाबी को लेकर पिता तेविंद्र कुमार और माता सुनीता ठाकुर बेहद खुश है।