हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सोमवार को भारी बारिश के कारण हुई तबाही के बाद एनडीआरएफ ने दूसरे दिन भी रेस्क्यू अभियान चलाया। मंगलवार को शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी के रुमेहड़ गांव में मलबे से दो और शव निकाले गए। एक शव सोमवार को निकाला गया था। डीसी कांगड़ा निपुण जिंदल ने बताया कि अभी भी करीब आठ लोगों के दबे होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रुमेहड़ गांव का हवाई और जमीनी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को ढांढस बंधाया और कहा कि सरकार बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करेगी। इसके अलावा नुकसार का आकलन करवाकर पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। बता देंशाहपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर बोह घाटी में सोमवार को भारी बारिश से आई बाढ़ में 10 घर बह गए थे। सोमवार को बोह घाटी में एक महिला का शव मिला था। यहां अन्य घरों को खाली करवा लिया गया है और सभी प्रभावित परिवारों को सरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है।
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बोह में बचाव अभियान
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में सोमवार को हुई बारिश के बाद मंगलवार को भी एक नेशनल हाइवे सहित 110 सड़कों पर यातायात ठप रहा। 266 बिजली ट्रांसफार्मर और 211 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रदेश के कई क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौटा है। सोमवार रात को रोहतांग सहित लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरे।
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बोह घाटी का मंजर।
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को प्रदेश में मौसम साफ रहा। भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मनाली-लेह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का फैसला लिया है। शाम चार बजे के बाद लेह जाने वाले सभी वाहनों को लाहौल के जिस्पा के आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
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बाढ़ के बाद बोह घाटी।
- फोटो : अमर उजाला
पांगी-किलाड़-मनाली रोड पर मडग्रां के पास अवरुद्ध सड़क मंगलवार को भी बंद रही। प्रशासन ने सैलानियों के साथ आम लोगों को नदी-नाले व अन्य संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है।
कुल्लू जिले में 10, सिरमौर में 43 सड़कें बंद रहीं। सिरमौर में 26 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। कुल्लू में 36, नाहन मंडल में चार और राजगढ़ मंडल में आठ ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं।