हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और बर्फ से ढके पहाड़ों के खूबसूरत नजारों को निहारने के लिए हर कोई यहां खिंचा चला आता है। हिमाचल में दर्जनों ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से सैलानी पहुंचते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मनाली भी एक ऐसा ही पर्यटन स्थल है, जहां पहुंचते ही बर्फ से लदी खूबसूरत वादियां आपका स्वागत करती हैं। समर सीजन शुरू होते ही यहां सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। आप भी यदि मनाली और रोहतांग घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इन काम की बातों को याद रखें।
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कुल्लू-मनाली दिल्ली से करीब 600 किलोमीटर की दूरी पर है। यह शिमला से सीधे सड़क मार्ग से जुड़ा है। दिल्ली, शिमला व चंडीगढ़ से मनाली के लिए हिमाचल परिवहन निगम की बसें उपलब्ध हैं। इसके अलावा हवाई मार्ग से भी यहां पहुंचा जा सकता है। शिमला से भुंतर के लिए हेलीटैक्सी सेवा शुरू की गई है।
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मनाली का मुख्य आकर्षण बर्फ से लकदक रोहतांग दर्रा है। आजकल मढ़ी तक पर्यटक वाहनों को भेजा जा रहा है। इसके लिए रोहतांग पास बनाना जरूरी है। जून के पहले सप्ताह तक रोहतांग दर्रा भी खुलने की उम्मीद है।
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गुलाबा बैरियर से रोहतांग परमिट के आधार पर हर दिन 1300 वाहनों को जाने की अनुमति एनजीटी की ओर से दी गई है। एसडीएम मनाली अश्वनी कुमार ने कहा कि एनजीटी के आदेश के अनुसार बिना परमिट के वाहन बैरियर से आगे नहीं जा सकते हैं।
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हालांकि आजकल गर्मियों का सीजन हैं, लेकिन यहां कभी भी मौसम बदल सकता है। ऐसे में ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़ें जरूर रखें जो ज्यादा भारी न हों। मेडिकल किट, चार्जर आदि रखना न भूलें।
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मनाली शहर
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जिस होटल में रुकने का प्लान कर रहे हैं, वहां बुकिंग कराने से पहले स्तर से या फिर इंटरनेट के जरिये उसकी पड़ताल जरूर कर लें। घूमने वाली जगह के बारे में पहले से सारी जानकारी जुटा लें, ताकि घूमने का मजा किरकिरा न हो।
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एमरजेंसी नंबरों जैसे पुलिस, एंबुलेंस, कंट्रोल रूम, अस्पताल आदि की जानकारी रखनी जरूरी है। इसके अलावा स्थानीय क्षेत्र की ट्रैवेल एजेंसीज के नंबर भी रखना जरूरी है। मनाली में लकड़ी से बना हिडिम्बा मंदिर मुख्य आकर्षण है।
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इसके अलावा पुराना मनाली भी पर्यटकों की पंसद रहा है। मनाली में मालरोड से करीब चार किलोमीटर दूरी पर वशिष्ठ नामक स्थान पर ठंडे और गर्म चश्मे हैं, जहां आप भी स्नान कर सकते हैं। रोहतांग मार्ग पर बना सुंदर प्राकृतिक झरना नेहरू कुंड मनाली से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां सुबह-शाम सैलानियों का जमावड़ा रहता है।
अमर उजाला
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वहीं मनाली से 13 किलोमीटर दूरी पर स्थित सोलंगनाला में बर्फ व ग्लेशियरों के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। ये स्थान स्कीइंग के लिए मशहूर है। इसके अलावा मणिकर्ण, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क भी सैलानियों को आकर्षित करता है।
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मनाली न केवल प्राकृतिक दृश्यों के कारण, बल्कि यहां साहसिक पर्यटन के कारण भी बार-बार यहां आने का मन करता है। आप स्नो स्कूटर राइड, माउंटेन बाइकिंग और ब्यास नदी में राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं। यहां पर पर्वतारोहण, ट्रैकिंग के लिए भी कई स्थान हैं।
मनाली में ट्रैफिक जाम इन दिनों बड़ी समस्या बनी हुई है। भुंतर से मनाली पहुंचने के लिए दो घंटे के सफर को तीन से चार घंटों का समय लग रहा है।
हालांकि प्रशासन की ओर से जाम से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।