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Himachal Election 2022: भितरघात रोकने और जिताऊ प्रत्याशी की खोज में फंसे रहे भाजपा के ये टिकट

Fri, 21 Oct 2022 10:55 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सभी 68 प्रत्याशियों के टिकट घोषित कर दिए हैं।
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विधायक रमेश धवाला - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सभी 68 प्रत्याशियों के टिकट घोषित कर दिए हैं। गुरुवार को जारी दूसरी सूची में कुल्लू से महेश्वर सिंह, बड़सर से माया शर्मा, हरोली से प्रो. रामकुमार और रामपुर से कौल नेगी को प्रत्याशी घोषित किया गया है। देहरा से विधायक रमेश धवाला और ज्वालामुखी से पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि चुनाव लड़ेंगे। इस बार दोनों के विधानसभा क्षेत्र बदल दिए गए हैं। ज्वालामुखी रमेश धवाला का और देहरा रविंद्र रवि का पारंपरिक निर्वाचन क्षेत्र रहा है।  

ज्वालामुखी : दो गुटों में बंटी हुई है सीट
शिमला। ज्वालामुखी भाजपा विधायक रमेश धवाला की पारंपरिक सीट रही है। वर्ष 1998 में बतौर निर्दलीय विधायक विधानसभा पहुंचे धवाला बाद में भाजपा में आ गए। वह पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के करीबी रहे हैं। पिछले पांच साल के कार्यकाल में धवाला अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर भी आक्रामक मुद्रा में नजर आते रहे। संगठन महामंत्री पवन राणा से भी उनकी खूब तनानती रही। ज्वालामुखी में भाजपा वैसे भी गुटों में बंटी हुई थी। अब यहां पर पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि को टिकट देकर और रमेश धवाला को ज्वालामुखी से देहरा भेजकर भाजपा ने नया प्रयोग किया है। हालांकि देहरा में निर्दलीय होशियार सिंह को टिकट न देने से वह भाजपा के लिए चुनौती होंगे। 
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कौल नेगी - फोटो : अमर उजाला
प्रतिभा वीरभद्र सिंह का रामपुर में घर है। यह आरक्षित सीट कांग्रेस का परंपरागत गढ़ रहा है। यहां से वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में पूर्व आईएएस अधिकारी पीएस द्रैक को टिकट दिया गया। उससे पहले वर्ष 2007 में बृज लाल को टिकट मिला था। इस तरह के प्रयोगों के बावजूद यहां भाजपा चुनाव हारती रही। इस बार एबीवीपी के रास्ते भाजपा में आए युवा कौल नेगी को टिकट दिया गया है और भाजपा ने नया दांव खेला है। कौल नेगी मूल रूप से किन्नौर से हैं। हालांकि, यहां शुरू से ही उन्हें टिकट देने का विरोध होता रहा, मगर भाजपा ने उन पर भरोसा जताकर नया प्रयोग किया है। 
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रविंद्र सिंह रवि - फोटो : अमर उजाला
देहरा : रविंद्र रवि की परंपरागत सीट
धूमल सरकार में मंत्री रहे रविंद्र सिंह रवि की देहरा परंपरागत सीट रही है। वर्ष 2012 में पुनर्सीमांकन के दौरान थुरल विधानसभा हलके को खत्म कर देने के बाद रविंद्र रवि ने देहरा से चुनाव लड़ा। इसके बाद वह वर्ष 2017 तक देहरा से ही चुनाव लड़ते रहे। उन्हें वर्ष पिछले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने हराया। हाल ही में भाजपा ने होशियार सिंह को भाजपा में शामिल किया तो रविंद्र सिंह रवि इससे भी नाराज चल रहे थे। अब उनका हलका देहरा से ज्वालामुखी के लिए बदला गया है। इसका मकसद ज्वालामुखी में रमेश धवाला के खिलाफ खडे़ हुए भाजपा के एक प्रभावशाली गुट को शांत करना भी रहा है।  

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माया शर्मा - फोटो : अमर उजाला
बड़सर  : भाजपा ने बिछाई नई बिसात 
पूर्व सीएम प्रेमकुमार धूमल के गृह जिला  हमीरपुर के बड़सर में पिछले पांच साल में कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एवं किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रहे राकेश शर्मा बबली बहुत सक्रिय थे। मगर हाल ही में उनका दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया। बड़सर से वर्ष 2012 और 2017 में पूर्व विधायक बलदेव शर्मा प्रत्याशी रहे, पर विधानसभा चुनाव में दोनों बार ही उन्हें कांग्रेस के मौजूदा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने हरा दिया। इस बार बलदेव शर्मा की पत्नी माया शर्मा को टिकट देकर भाजपा ने नई बिसात बिछाई है और यहां के महिला वोटरोें को भी लक्षित किया है। 
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प्रो. रामकुमार - फोटो : अमर उजाला
हरोली: करनी पड़ी माथापच्ची
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के विधानसभा हलके हरोली में भाजपा हाईकमान ने लंबी माथापच्ची के बाद प्रो. रामकुमार को फिर चुनाव में उतारा है। वर्ष 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में भी प्रो. रामकुमार ही मुकेश अग्निहोत्री के खिलाफ प्रत्याशी थे, मगर वह दोनों बार हार गए थे। वर्ष 2007 में इस सीट का नाम संतोखगढ़ था और तब मुकेश अग्निहोत्री पहली बार यहां से विधायक बने थे। उस वक्त भाजपा प्रत्याशी जगरूप सिंह थे। 
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महेश्वर सिंह - फोटो : अमर उजाला
कुल्लू  : महेश्वर पर दांव
2017 में महेश्वर सिंह कांग्रेस प्रत्याशी सुंदर सिंह ठाकुर से चुनाव हार गए थे। महेश्वर सिंह वर्ष 2012 में अपनी नई पार्टी हिलोपा से विधायक बने थे। कांग्रेस यहां से राम सिंह और नरोत्तम ठाकुर को टिकट देने पर भी विचार कर रही थी। इसकी वजह यह थी कि महेश्वर सिंह के बेटे हितेश्वर सिंह बंजार से अपने लिए टिकट मांग रहे थे। पर महेश्वर सिंह ने बुधवार को बेटे को मनाने का प्रयास किया तो वीरवार को उनके लिए टिकट जारी हो गया। 
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