धर्मपुर में तबाही का मंजर।
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धनदेव ने बयां की आखों देखी दास्तां...
सभी गे पैहले मिंजो लगया पता... राती दो बजे बिजली कड़की। इते गे बाद पहाड़ियां गे चट्टान खिसकने रा अंदाजा जे हुआ... पैहले लोक ठुआले... कुंडियां लगाई के सुती रे थे। सारे घरे ते बाहर कढे कने भगी कने सुरक्षित जगह पहुंचाए। इती ले बाद एड़ा मंजर देखया कि यकीन नी होया। अचानक पहाड़ी से मलबा आया और आंखों के सामने स्याठी गांव का नामोनिशान मिट गया। स्थानीय निवासी धनदेव ने तबाही का यह मंजर बयां किया। धनदेव ने बताया कि पंचायत लौंगणी के स्याठी गांव की अनुसूचित जाति की बस्ती के डेढ़ दर्जन परिवारों के 10 मकान और पशुशालाएं, 20 खच्चर, 30 बकरियां, 8 भेड़ें, 5 भैंसें और 50 से अधिक सदस्यों के गहने, कपड़े, फर्नीचर, बाइक मलबे में बह गए। दो से तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। धनदेव ने बताया कि जैसे तैसे लोग अपने घर से ऊपर स्कूल और मंदिर के पास ही पहुंचे और तब तक पंचायत प्रधान, उपप्रधान अन्य लोग वहां इकट्ठा हो गए। सुबह 4:00 बजे पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह, एसडीएम जोगिंद्र पटियाल, तहसीलदार रमेश कुमार और एसएचओ धर्मपुर से पैदल चलकर मौके पर पहुंचे और प्रभावितों को 10-10 हजार रुपये फौरी राहत, तिरपाल तथा राशन सामग्री उपलब्ध करवाई।