हिमाचल में बारिश का कहर: घर-गाड़ियां तबाह, छात्रा समेत दो की मौत, तस्वीरें
Sat, 13 Aug 2016 12:02 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में जारी मूसलाधार बारिश अब डराने लगी है। हर तरफ तबाही का मंजर है। घर, गाड़ियां तबाह हो रहे हैं जबकि दो लोगों की जान चली गई है। शिमला में जारी भारी बारिश से दीवार ढह गई। इसमें झारंखड निवासी मजदूर की जान चली गई।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में जारी मूसलाधार बारिश अब डराने लगी है। हर तरफ तबाही का मंजर है। घर, गाड़ियां तबाह हो रहे हैं जबकि दो लोगों की जान चली गई है। शिमला में जारी भारी बारिश से दीवार ढह गई। इसमें झारंखड निवासी मजदूर की जान चली गई।
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शिमला में जगह जगह विशालकाय पेड़ गाड़ियों पर गिर रहे हैं। यहां खलीणी में एक चलते ट्रक पर पेड़ गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। वहीं, बीसीएस में पेड़ गिरने से एक कार के परखच्चे उड़ गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
शिमला में जगह जगह विशालकाय पेड़ गाड़ियों पर गिर रहे हैं। यहां खलीणी में एक चलते ट्रक पर पेड़ गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। वहीं, बीसीएस में पेड़ गिरने से एक कार के परखच्चे उड़ गए हैं। शिमला में कई स्थानों पर भू स्खलन होने से मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है।
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कांगड़ा के ज्वाली क्षेत्र में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पंचायत परगोड़ में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा घर जाते समय नाले के तेज बहाव में बह गई। छात्रा पहले तो बहाव में फंस गई। इसके बाद उसके बचाने की कोशिश की गई लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। नाले से छात्रा प्रिया (15) को निकाला और पीएचसी दुराना ले जाया गया जहां शाहपुर अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
- फोटो : अमर उजाला
कांगड़ा के ज्वाली क्षेत्र में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पंचायत परगोड़ में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा घर जाते समय नाले के तेज बहाव में बह गई। छात्रा पहले तो बहाव में फंस गई। इसके बाद उसके बचाने की कोशिश की गई लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। नाले से छात्रा प्रिया (15) को निकाला और पीएचसी दुराना ले जाया गया जहां शाहपुर अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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कांगड़ा के नगरोटा में बाढ़ में फंसा बुजुर्ग करीब दस घंटे तक मौत से जूझता रहा। आखिरकार दो युवकों ने हिम्मत दिखाकर इसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बासा पंचायत में एक बुजुर्ग गज खड्ड के बीचोंबीच फंस गया है। करीब 10 घंटे तक बुजुर्ग वासुदेव मौत और जिंदगी से जूझता रहा। वह खेतों को देखने गया था। अचानक गज खड्ड का बहाव बढ़ गया और वह बीच खड्ड में फंस गया।
- फोटो : अमर उजाला
कांगड़ा के नगरोटा में बाढ़ में फंसा बुजुर्ग करीब दस घंटे तक मौत से जूझता रहा। आखिरकार दो युवकों ने हिम्मत दिखाकर इसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बासा पंचायत में एक बुजुर्ग गज खड्ड के बीचोंबीच फंस गया है। करीब 10 घंटे तक बुजुर्ग वासुदेव मौत और जिंदगी से जूझता रहा। वह खेतों को देखने गया था। अचानक गज खड्ड का बहाव बढ़ गया और वह बीच खड्ड में फंस गया।
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कांगड़ा के लाहड़ी गांव में भारी बरसात के कारण पहाड़ी का मलबा लोगों के घरों में घुस आया। कई मकानों में दरारें भी आ गई हैं। हादसे में प्रभावित परिवारों के सैकड़ों लोग फंस गए हैं। नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार ने कहा कि हादसे से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को डेंजर जोन से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थानों में भेज दिया है। कई जगहों पर घराट भी तबाह हो गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
कांगड़ा के लाहड़ी गांव में भारी बरसात के कारण पहाड़ी का मलबा लोगों के घरों में घुस आया। कई मकानों में दरारें भी आ गई हैं। हादसे में प्रभावित परिवारों के सैकड़ों लोग फंस गए हैं। नायब तहसीलदार राजेंद्र कुमार ने कहा कि हादसे से हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को डेंजर जोन से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थानों में भेज दिया है। कई जगहों पर घराट भी तबाह हो गए हैं।
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सोलन के देहूंघाट में एक निर्माणाधीन भवन की छत दीवार सहित दरक गई है। सुबह हादसे के वक्त वहां कुछ मजदूर भी काम कर रहे थे। लेकिन वह हादसे में बाल-बाल बचे। डुमैहर मार्ग भारी बारिश के कारण पुलाहडा गांव के पास पहाड़ी गिरने से बंद हो गया।
- फोटो : अमर उजाला
सोलन के देहूंघाट में एक निर्माणाधीन भवन की छत दीवार सहित दरक गई है। सुबह हादसे के वक्त वहां कुछ मजदूर भी काम कर रहे थे। लेकिन वह हादसे में बाल-बाल बचे। डुमैहर मार्ग भारी बारिश के कारण पुलाहडा गांव के पास पहाड़ी गिरने से बंद हो गया।
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कांगड़ा के डमटाल में 160 मीटर लंबा पुल ढह गया है। इससे यहां यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। यही हाल प्रदेश के दूसरे जिलों का है। पुराने पुल लगातार ढह रहे हैं जबकि मकानों को भी लगातार खतरा बना हुआ है।
- फोटो : अमर उजाला
कांगड़ा के डमटाल में 160 मीटर लंबा पुल ढह गया है। इससे यहां यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। यही हाल प्रदेश के दूसरे जिलों का है। पुराने पुल लगातार ढह रहे हैं जबकि मकानों को भी लगातार खतरा बना हुआ है।
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चंबा शहर की मुख्य सड़क पर इरावती के पास सड़क किनारे लगे पेड़ की एक टहनी टूट कर नीचे गिर गई। जिससे सड़क पर आवाजाही कर रहे राहगीर टहनी की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। टहनी पेड़ से गिरकर सीधे ही बिजली की तारों पर जा गिरी। तारों पर टहनी गिरने से ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट हुआ। यहां कई मकान जमींदोज हो गए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
चंबा शहर की मुख्य सड़क पर इरावती के पास सड़क किनारे लगे पेड़ की एक टहनी टूट कर नीचे गिर गई। जिससे सड़क पर आवाजाही कर रहे राहगीर टहनी की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। टहनी पेड़ से गिरकर सीधे ही बिजली की तारों पर जा गिरी। तारों पर टहनी गिरने से ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट हुआ। यहां कई मकान जमींदोज हो गए हैं।
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हिमाचल में बारिश की वजह से जगह जगह सड़कें बंद हो गई है। सतौन-रेणुका सड़क मार्ग बंद हो गया है। दो दिनों से इस सड़क पर बसों की आवाजाही बंद है। इसके अलावा कई अन्य संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध पड़े हुए हैं। रामपुर और किन्नौर में बुधवार रात बारिश होने से निगुलसेरी के पास एनएच-5 बंद रहा।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में बारिश की वजह से जगह जगह सड़कें बंद हो गई है। सतौन-रेणुका सड़क मार्ग बंद हो गया है। दो दिनों से इस सड़क पर बसों की आवाजाही बंद है। इसके अलावा कई अन्य संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध पड़े हुए हैं। रामपुर और किन्नौर में बुधवार रात बारिश होने से निगुलसेरी के पास एनएच-5 बंद रहा।
प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में आगामी चार-पांच दिनों तक लोगों को भारी बारिश से कुछ राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 17 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा। लेकिन मूसलाधार बारिश से दौर थमेगा।
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में आगामी चार-पांच दिनों तक लोगों को भारी बारिश से कुछ राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 17 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा। लेकिन मूसलाधार बारिश से दौर थमेगा।