वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से हिमाचल में कई सेवाएं और चीजें शुक्रवार आधी रात से महंगी हो गई हैं। आपको इनके लिए अब ज्यादा पैसे देने होंगे। साथ ही कुछ चीजें सस्ती भी होंगी। आइए जानते हैं क्या सस्ता तो क्या महंगा हो गया है-
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एक समान टैक्स प्रणाली से आगामी दिनों में दवाओं की कीमतों में भी गिरावट आएगी। खासतौर पर गरीब तबके के लोगों को सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध होंगी। हिमाचल दवा निर्माता संघ के अध्यक्ष एचएन सिंगला ने बताया कि जीएसटी से दवाओं को बाहर रखा गया है। निश्चित तौर पर आगामी दिनों में दवाएं सस्ती होंगी।
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विश्वविख्यात कुल्लू शॉल जीएसटी लागू होने से महंगी मिलेगी। हालांकि स्लैब अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन भुट्टिको प्रबंधन का कहना है कि एक हजार से कम दाम वाली शॉल को पांच प्रतिशत टैक्स के दायरे में रखा गया है। जबकि इससे महंगी शॉल पर 12 प्रतिशत टैक्स लगेगा। भुट्टिको में तैयार किए जाने वाले रेडिमेड कपड़े 18 फीसदी टैक्स के दायरे में रहेंगे।
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से हिमाचल के होटलों में शुक्रवार आधी रात से रहना सस्ता, जबकि रेस्तरां में खाना-पीना महंगा हो गया है। होटलों में एक हजार रुपये से कम किराये वाले कमरों का रहना पूरी तरह से टैक्स फ्री हो गया है।
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4999 रुपये तक का कमरा लेने पर अधिकतम 18 फीसदी टैक्स ही लगेगा जबकि इससे पूर्व सभी होटलों के कमरों पर 19 फीसदी की दर से टैक्स लिया जा रहा था। वहीं रेस्तरां में 5 फीसदी वैट की जगह अब 12 फीसदी जीएसटी देना होगा।
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नई कर प्रणाली के तहत जीएसटी लागू होने से अब एक हजार रुपये से कम किराये के कमरों पर टैक्स नहीं लगेगा। 1000 से 2499 रुपये तक के कमरों पर 12 प्रतिशत, 2500 से 4999 रुपये तक के कमरों पर 18 प्रतिशत और पांच हजार या इससे ज्यादा पर 28 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
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अभी तक सभी तरह के कमरों के किराये पर कुल 19 फीसदी टैक्स वसूला जाता था। इसमें 10 फीसदी लक्जरी टैक्स और 9 फीसदी सर्विस टैक्स शामिल था। उधर, रेस्तरां में अब खाने-पीने की ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। नॉन एसी रेस्तरां में ग्राहकों से पांच फीसदी वैट वसूला जाता था जबकि एसी वाले रेस्तरां में पांच फीसदी वैट के साथ-साथ 5.6 फीसदी सर्विस टैक्स लिया जा रहा था।
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जीएसटी लागू होने से नॉन एसी रेस्तरां में 12, जबकि एसी और बार वाले रेस्तरां में 18 फीसदी जीएसटी वसूला जाएगा। फाइव स्टार होटलों के रेस्तरां में 28 फीसदी जीएसटी देना होगा। शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी सूद ने नई कर व्यवस्था के प्रभावी होने की इसकी पुष्टि की है।
जीएसटी से बैंक्वेट हॉल और होटल में शादी पर टैक्स से राहत मिलेगी। जीएसटी में मेरिज हॉल बुकिंग पर 18 फीसदी टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। पहले वैट, सर्विस टैक्स, लग्जरी टैक्स को मिलाकर 21.5 से 25 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ता था।