मानसून की दस्तक के साथ ही मूसलाधार बारिश ने हिमाचल में तबाही मचानी शुरू कर दी है। चंबा जिले में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। उपमंडल चुराह में बादल फटने से करीब 15 भैंसें बह गईं।
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पंचायत टेपा के शकराणी नामक स्थान पर गुज्जर समुदाय के लोग अपने मवेशियों के साथ बुधवार रात को आराम कर रहे थे। इस दौरान मौसम खराब होने लगा। अचानक तेज बारिश के साथ शकराणी के उपरी हिस्से में बादल फटा।
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जिस स्थान पर मवेशी आराम कर रहे थे, वहां पर देखते ही देखते जलस्तर काफी बढ़ गया। गुज्जर समुदाय के लोग समय की नजाकत को देखते हुए वहां से भाग गए। देखते ही देखते पानी ने बाढ़ का रूप धारण कर लिया, जिसमें 15 भैंसें बह गईं। इनमें कुछ दुधारू भैंसें भी थीं।
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घुमंतु गुज्जर पंजाब से अपने मवेशियों को लेकर एथन व पटाल धार जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही बादल फटने से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा। सुबह के समय गुज्जर समुदाय के लोगों ने घटना की जानकारी स्थानीय पंचायत प्रधान को दी। स्थानीय पंचायत प्रधान लता देवी व पूर्व प्रधान ध्यान सिंह ने मौके का जायजा लिया।
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इस दौरान पाया कि बुधवार रात को बादल फटने से रोशन, लालसैन, सवारू, मखन, कला, जुरी व अन्य गुज्जरों की करीब 15 भैंसें बह गईं है। ऐसे में लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
ऐसे में अब प्रभावित प्रशासन की ओर सहायता की आस लगाए बैठे हैं, ताकि उन्हे कुछ हद तक राहत मिल सके। ग्राम पंचायत टेपा प्रधान लता देवी ने बताया कि सूचना मिलते ही घटना स्थल का जायजा लिया गया। पंचायत प्रशासन से प्रभावित लोगों की सहायता की मांग करेगी। इस घटना में लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।