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कोरोना वायरस: सुरक्षित हैं अखबार; पढ़ें-पढ़ाएं, अफवाहों से बचें और दूसरों को भी बचाएं

Sat, 28 Mar 2020 11:49 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
वर्तमान में पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। हिमाचल समेत पूरे देश के लोग इस समय घरों में बंद है और कुछ समय के लिए ही जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाहर निकल पा रहे हैं। ऐसे मुश्किल समय में भी समाचार पत्र पूरी एहतियात बरतते हुए अपने कर्तव्य को निभा रहे हैं। 
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मेयर शिमला - फोटो : अमर उजाला
आम लोगों की ही तरह समाचार पत्र से जुड़े हर शख्स को भी कोरोना को लेकर उतना ही डर है जितना आम से लेकर खास लोगों में है। लेकिन डर से ज्यादा सजग रहकर और हर जरूरी एहतियाती कदम उठाते हुए समाचार पत्र हर खास और पल-पल की खबरें पहुंचा रहा है। 
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अमर उजाला पढ़ता परिवार - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला इस काम को करने के दौरान अपने पाठकों की हर चिंता को ध्यान में रखते हुए इतने प्रयास कर रहा है कि लोगों को सुरक्षित तरीके से उनके हाथों में समाचार पत्र पहुंचाया जा सके। प्रिंटिंग के दौरान लगातार सैनिटाइजर का छिड़काव समाचार पत्र की प्रतियों पर किया जाता है। 

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डीसी हमीरपुर हरिकेश मीणा - फोटो : अमर उजाला
साथ ही जिन वाहनों से समाचार पत्र को सेंटरों तक पहुंचाया जाता है उन्हें भी नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाता है। साथ ही हॉकरों को भी मास्क और दस्तानों के साथ सैनिटाइजर मुहैया कराए जाते हैं ताकि इस मुश्किल घड़ी में पाठकों को समाचार पत्र पूरी सतर्कता के साथ पहुंचाया जा सके।
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डॉ. रजनीश पठानियां, डीन - फोटो : अमर उजाला
इस सब के बाद भी अमर उजाला सभी पाठकों से यह भी अपील करता है कि समाचार पत्र, दूध-ब्रेड के पैकेट समेत किसी चीज को छूने-पकड़ने के बाद हाथों को साबुन से धोएं या सैनिटाइज जरूर करें।
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गुरदेव शर्मा, एसपी मंडी - फोटो : अमर उजाला
विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही अफवाहों को कर चुका है खारिज
कोरोना की दहशत फैलने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी अफवाहें फैली कि अखबार छूने से भी कोरोना हो सकता है। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे अफवाह करार देते हुए खारिज कर दिया है और यह भी कहा है कि अखबार के कारण संक्रमित होने की आशंका न के बराबर है।
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राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि वह नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ते हैं जिससे आम लोगों से जुड़ी काफी जानकारी उन्हें मिलती है जिसपर जरूरत अनुसार सरकार को निर्देश दिए जाते हैं। 

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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. विपिन सिंह परमार - फोटो : अमर उजाला
 विधानसभा अध्यक्ष डॉ. विपिन सिंह परमार ने कहा कि व नियमित रूप से अमर उजाला पढ़ते हैं और उसे ही सटीक सूचना मान रहे हैं। 

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पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर - फोटो : अमर उजाला
पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि अखबार के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों की जानकारी मिलती है और उसके जरिये कई जरूरी कदम भी उठाने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। 

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मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा - फोटो : अमर उजाला
मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि ऐसे समय में जब लोगों में डर ज्यादा है तो कई बार लोग सोशल मीडिया की सूचना पर भी भरोसा कर लेते हैं। जबकि सबसे सटीक जानकारी अखबारों से ही मिलती है।

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पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती - फोटो : अमर उजाला
विशेषज्ञ भी बोले, नहीं होता समाचार पत्र से संक्रमण
अखबारों से संक्रमण फैलने की बात को खारिज करते हुए राज्य महामारीविद् और पद्मश्री डॉ. ओमेश भारती कहते हैं कि कोरोना के फैलने के बाद अखबार से संक्रमण सिर्फ ओवर रिएक्शन है। आज तक विश्वभर में कहीं भी अखबार से किसी भी तरह के वायरस के संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है। 
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री - फोटो : अमर उजाला
वैज्ञानिक आधार की बात करें तो इसकी कहीं भी पुष्टि नहीं है। उन्होंने कहा कि अखबार सही सूचना मिलने का माध्यम है। ऐसे में अगर मन में कोई संकोच हो तो अखबार पढ़ने के बाद साबुन से हाथ धो सकते हैं या सैनिटाइज कर सकते हैं। 
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