छेड़खानी से परेशान मां बेटी ने आखिरकार जहर खाकर जान दे दी। हिमाचल के हमीरपुर के रहने वाली सुमन और बेटी अक्षिता कौशल ने आत्महत्या जैसा कदम अचानक नहीं उठाया। सुसाइड नोट तीन अलग-अलग दिनों में लिखा गया है। साफ है कि दोनों कई दिनों से परेशान थीं।
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मरने से पहले मां बेटी ने लिखी दर्दभरी कहानी, रो पड़ेंगे आप
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यह लिखा है सुसाइड नोट में मैं सुमन कौशल पत्नी स्व. श्री मनमोहन कौशल
तथा पुत्री अक्षिता कौशल यह बयान करती हैं कि कुछ दिन पहले मुझे तथा मेरी
बेटी अक्षिता कौशल को 8894402200 नंबर से फोन आ रहे हैं। उसका नाम शम्मी
ठाकुर पुत्र रमेश चंद रसुई से है। बहुत डराता धमकाता था।
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कहता था कि लड़की को मैं रास्ते से ही उठा लूंगा। मैं 2 नंबर का काम भी करना जानता हूं। इसकी शादी मुझसे कर दो नहीं तो मैं बहुत बदनाम करूंगा। मै बहुत कुछ जानता हूं। श्रीमान जी मेरी आपसे विनती है (पुलिस से) अगर तू मेरे साथ शादी नहीं करेगी तो मैं तेरे भाई, भाभी, भतीजे को मरवा दूंगा।
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मेरी तथा
अपनी बेटी की मौत का जिम्मेवार शम्मी ठाकुर है। हम मां बेटी को बहुत तंग कर
दिया है। इसे उम्र कैद की सजा मिलनी चाहिए। इस बदनामी के डर से हम मरना
चाहते हैं।
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श्रीमान जी (पुलिस) आदर्श कुमार, मीनाक्षी तथा दीपू किसी को भी तंग न किया जाए, न ही किसी प्रकार की पूछताछ की जाए क्योंकि इसमें इनका कोई दोष नहीं है न ही पता है। यहां अलमारी में मेरा काला पर्स है। इसे आदर्श कुमार के पास दे दिया जाए। नादौन में मेरे माइके वालों को भी परेशान न किया जाए। धन्यवाद- सुमन कौशल
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मेरी सारी चल अचल प्रापर्टी का हकदार आदर्श शर्मा ही होगा। मेरी गोदरेज की सारी चाबियां आदर्श कुमार के पास ही देनी हैं। इन सब का मालिक अब आदर्श कुमार ही है। यह मेरे ही घर में रहता है और मेरा भांजा है। मुझे कोर्ट व तहसील में वसीयत करवाने का समय नहीं है, इसलिए इस नोट को ही मेरी वसीयत समझी जाए। इसमें एक कोर्ट केस के बारे में भी लिखा गया है।
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स्थानीय विधायक संजय रतन का कहना है कि सुमन कौशल कर्मठ, ईमानदार तथा स्वच्छ छवि कांग्रेस कार्यकर्ता रही हैं। वर्तमान में महिला कल्याण बोर्ड की सदस्य थीं। वह पूर्व में शिवनाथ पंचायत की प्रधान भी रह चुकी हैं। घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
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बेटी अक्षिता कॉलेज में पढ़ती थी और बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।
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मेरा बेटा, युवती एक दूसरे को जानते थे : पिता आरोपी
युवक शम्मी के पिता रमेश चंद का कहना है कि एक लड़की और महिला ने
आत्महत्या क्यों की, इसके बारे में उन्हें कुछ नहीं पता। सुसाइड नोट में
क्या लिखा है, इसके बारे में भी वह कुछ नहीं जानते। उनका बेटा और युवती एक
दूसरे को जानते थे। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं कहना चाहते।