12वीं के बाद युवा काफी असमंजस में रहते हैं कि अब किस क्षेत्र में पढ़ाई की जाए। बेहतर भविष्य के लिए इस फील्ड में जाएं शानदार सैलरी मिलेगी।
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बीएससी कृषि और पशु चिकित्सा के क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए युवाओं का रुझान बढ़ता जा रहा है। पढ़ाई के बाद इस क्षेत्र में रोजगार के सुनहरे मौके होना इसका बड़ा कारण है। यही वजह है कि कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में कृषि और पशु चिकित्सा में बीएससी करने के लिए प्रवेश पाने के इच्छुक युवाओं की कतार लंबी हुई है।
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दोनों विषयों में पिछले पांच सालों में प्रवेश परीक्षा में करीब पांच से छह हजार अभ्यर्थियों की बढ़ोतरी हुई है। कृषि विवि पालमपुर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान सहित कृषि विज्ञान में बीएससी में प्रवेश पाने का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है।
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युवाओं को उम्मीद है कि कृषि विवि से पशु चिकित्सा और कृषि विज्ञान में बीएससी करने के बाद रोजगार के अवसर काफी हैं। विवि में कृषि विज्ञान में 101 और पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान में बीएससी की 60 सीटें है।
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पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड देखें तो साल 2013 में कृषि विवि में पशु चिकित्सा और कृषि विज्ञान में बीएससी में प्रवेश पाने के लिए करीब सात से आठ हजार युवाओं ने अप्लाई किया था।
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2014 में 9 से दस हजार, 2015 में करीब 11 हजार, 2016 में साढे़ 12 हजार और 2017 में दोनों विषयों की प्रवेश परीक्षा के लिए करीब साढ़े 13 हजार छात्रों ने आवेदन किया।
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कृषि और पशु चिकित्सा के क्षेत्र में कॅरिअर और अभ्यर्थियों के रुझान को देखते हुए निजी क्षेत्र के विवि भी इस दिशा में आगे बढ़ने लगे हैं। प्रदेश में निजी क्षेत्र के विवि भी इन कोर्सों को शुरू कर रहे हैं।
कृषि विवि पालमपुर के संयुक्त निदेशक (सूचना एवं जनसंपर्क) डॉ. हृदय पाल सिंह ने कहा कि विवि में पशु चिकित्सा और कृषि विज्ञान के लिए हर साल आवेदन की संख्या बढ़ रही है। इसमें करीब 65 प्रतिशत कृषि विज्ञान तो 35 प्रतिशत पशु चिकित्सा के लिए आवेदन आते हैं।