पीएम मोदी के पुराने नोट बंद करने के ऐलान का पता न होने से शिमला घुमने आए भाजपा सांसद पर आफत आ गई। उन्हें खाने तक के लाले पड़ गए। नेता के पास डेबिट या क्रेडिट भी नहीं था।
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जानकारी न होने से गुजरात से घूमने आए इस राज्यसभा सांसद को खाने तक के लाले पड़े गए। बुधवार को शिमला के माल रोड और रिज पर घूमने के बाद जब रेस्तरां में पहुंचे तो उनके छुट्टे पैसे की डिमांड की गई। उनके पास 500-1000 के ही नोट थे।
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उनको खाना नहीं मिल पाया। शापिंग करने का मन बनाया तो शोरूम में भी यही दिक्कत हुई। जब उनसे डेबिट या क्रेडिट कार्ड की मांग की गई तो उनके पास वे भी नहीं थे। जेब में भरे हजार और पांच सौ के नोट उन्हें कागज के अलावा कुछ नहीं लग रहे थे।
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माल रोड पर तीन-चार बैंकों में जाकर पैसा बदलने का आग्रह किया गया, अंदर कर्मचारी तो थे, उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उनका रसूख भी काम नहीं गया। सांसद ने थक-हारकर अपना पार्टी तंत्र घुमाया और भाजपा के स्थानीय नेताओं से संपर्क किया और किसी भी हालत में उन्हें 100-100 के दस हजार की रकम का बंदोबस्त करने को कहा।
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घंटों की मशक्कत के बाद कार्यकर्ताओं ने घर-बाहर से छुट्टों का इंतजाम कर रकम उनके हाथ में थमाई तब जाकर सांसद की जान में जान आई।
वहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फैसले का स्वागत किया है। वीरभद्र सिंह ने इसे साहसिक और स्वागत योग्य करार देते हुए कहा कि इससे काफी काला धन बाहर निकलेगा। वे खुद अपने पुराने नोट बदलवाएंगे।