रामपुर उपमंडल में शाम को आए आंधी-तूफान ने खूब कहर बरपाया है। कई घरों और गौशालाओं की छतें उड़ गई हैं वहीं बिजली बोर्ड के खंभे गिरने से क्षेत्र में अंधेरा पसर गया है।
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करीब आधा घंटा तक चले आंधी-तूफान ने लोगों का खासा नुकसान कर दिया है। बिजली बोर्ड के करीब 25 से 30 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसी कारण क्षेत्र में बिजली गुल है।
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बिजली बहाल करने के लिए पांच दर्जन कर्मचारी जुट गए हैं। प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन करने में जुट गई है।वीरवार शाम को क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान चला।
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रामपुर उपमंडल की भड़ावली, किन्नू और अन्य पंचायतों में तूफान से घरों और गौशालाओं की छतें उड़ गई हैं। भड़ावली पंचायत के कमलाऊ गांव के जीवन चौहान, केहर सिंह, कुशल राणा, लता देवी और जिया लाल के घर और गौशालाओं की छतें उखड़कर क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
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कुमसू गांव के गुरदेव मेहता और राजपुरा गांव के जवाहर कायथ भी आंधी-तूफान से प्रभावित हुए हैं। किन्नू पंचायत में धर्म सिंह के घर की छत और मोहन लाल की रसोई की छत तूफान से उड़ गई।
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विद्युत बोर्ड रामपुर को तूफान से खासी क्षति पहुंची है। विभिन्न स्थानों पर बोर्ड के 25-30 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे समूचे इलाके में वीरवार शाम से बिजली आपूर्ति गुल है। तूफान की चपेट में आने से डकोलढ़, पाटबंगला, डूगीरिउणी, कुमसू, मसारना और सेरीपुल तकलेच में विद्युत लाइनों को खासी क्षति पहुंची है।
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तूफान के कारण सुंगरा पंचायत में कई घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। तीन घरों की छत तूफान की भेंट चढ़ गई और ग्रामीणों की करीब 13 दोगरियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में एनएच और सड़कों के किनारे खड़े वाहनों पर भी पेड़ गिरने से खासा नुकसान हुआ है। जिला शिमला, कुल्लू और किन्नौर में इस तूफान ने भारी तबाही मचाई है।
जुब्बल, रोहड़ू, चिड़गांव के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज तूफान आने के बाद से ही क्षेत्र में बिजली व्यवस्था ठप हो गई थी। शुक्रवार को भी दिनभर बिजली गुल रही। उपमंडल के अंतर्गत 60 से अधिक पंचायतें 24 घंटे से अंधेरे में हैं। 66केवी मुख्य ट्रांसमिशन लाइन में फाल्ट आने के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है