फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फल मंडियों में घटेगा आढ़तियों का कमीशन, जानिए हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले

Tue, 20 Aug 2019 08:51 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
1 of 8
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल की फल एवं सब्जी मंडियों में आढ़तियों का कमीशन पांच से घटाकर दो फीसदी किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र में कृषि उत्पाद मंडी समिति (एपीएमसी) संशोधन बिल-2019 पेश किया जाएगा। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस बिल के ड्राफ्ट पर चर्चा हुई।
विज्ञापन

2 of 8
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश खाद्य सुरक्षा नियमों को भी मंजूरी दी गई। मिलावटयुक्त खाद्य वस्तुएं खिलाने के मामले में अपील के लिए फूड कमिश्नर नियुक्ति होगा और पंचायत स्तरीय कमेटियां बनेंगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा परिसर में हुई कैबिनेट बैठक में एपीएमसी एक्ट 2005 के स्थान पर नया एक्ट बनाने पर चर्चा हुई।
विज्ञापन

3 of 8
- फोटो : अमर उजाला
नए बिल एपीएमसी (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) विधेयक 2019 के ड्राफ्ट पर चर्चा की गई। इन नियमों में स्पष्ट है कि सब्जी और फल मंडियों मेें आढ़ती किसानों-बागवानों की उपज पर केवल दो फीसदी कमीशन ही लेंगे। जल्दी सड़ने वाली फसल पर ही चार फीसदी कमीशन होगा।

4 of 8
- फोटो : अमर उजाला
अभी तक सबके लिए यह पांच फीसदी है। किसान-बागवान खुद भी व्यापारियों को माल बेच पाएंगे। इसके लिए भी कानून तैयार किया जा रहा है। 60 सब्जी मंडियां ई-नाम से जोड़ी जाएंगी। आढ़तियों का पंजीकरण अब ऑनलाइन होगा। 
विज्ञापन

5 of 8
- फोटो : अमर उजाला
आढ़तियों और व्यापारियों का एक बार ही लाइसेंस बनेगा, जो देश भर की मंडियों में मान्य होगा। कैबिनेट ने मिलावटी खाद्य वस्तुएं बेचने वाले कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई के प्रावधान के लिए नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट की धारा 40 के तहत नियम लागू करने को मंजूरी दी। 
विज्ञापन

6 of 8
- फोटो : अमर उजाला
कैबिनेट ने एडवोकेट वेलफेयर फंड संशोधन विधेयक के ड्राफ्ट को मंजूरी दी। संशोधन के बाद फंड के लिए धनराशि जुटाने को वकालतनामे में स्टांप राशि बढ़ाने का प्रावधान होगा। 
विज्ञापन

7 of 8
- फोटो : अमर उजाला
वकालतनामे में दस के बदले 25 रुपये, प्रदेश में काम कर रहे वकीलों की मृत्यु पर वित्तीय राशि 1.50 लाख से बढ़ाकर 2.25 लाख करने के अलावा गंभीर बीमारियों से पीडि़त वकील को 25 हजार की जगह एक से दो लाख रुपये देने जैसे प्रावधान किए जा रहे हैं। 
विज्ञापन

8 of 8
- फोटो : अमर उजाला
सभी मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक एंबुलेंस मिलेंगी। कैबिनेट ने इन्हें खरीदने को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने राजपत्रित कर्मचारी विधि अधिकारी भर्ती नियमों को भी स्वीकृति दी है। खटारा गाडि़यों का निपटारा कर नई गाडि़यां खरीदने को भी स्वीकृति दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें