हिंदू धर्म में संतान की मंगलकामना, सुख, समृद्धि, वैभव और तरक्की के महिलाएं सालभर में कई उपवास-व्रत रखती हैं। अहोई अष्टमी भी एक ऐसा पर्व है जिसमें माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इसमें मां पार्वती की अहोई देवी के रूप में पूजा-उपासना होती हैं। इस वर्ष अहोई अष्टमी 28 अक्तूबर को है।
शिमला के आचार्य तारादत्त शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार करवाचौथ पर महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं, वैसे ही अहोई अष्टमी पर माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। उन्होंने कहा कि इस साल अहोई अष्टमी बहुत ही शुभ संयोग और मुहूर्त में मनाया जाएगा। 28 अक्तूबर को गुरु-पुष्य नक्षत्र का योग भी बन रहा है इसके अलावा इस दिन पर सर्वार्थसिद्धि योग भी है।