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किसान चाची और साइकिल चाची के नाम से मशहूर इस महिला को सरकार ने पद्म श्री से किया सम्मानित

Tue, 04 Feb 2020 06:50 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किसान चाची - फोटो : social media
परिवार का भरण-पोषण करने निकली एक महिला आज पूरे समाज के लिए उदाहरण है। अपनी कर्मठता और कौशलता से उसने पूरे देश के सामने मिसाल पेश की है। साधारण सी दिखने वाली एक असाधारण महिला और उसकी कहानी। जिसे पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। तो चलिए जानें पद्म श्री से सम्मानित राजकुमारी देवी के बारे में।
 
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किसान चाची
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली हैं राजकुमारी देवी।  जिनकी शादी मात्र 15 साल की उम्र में कर दी गई थी। पति एक किसान था जिसे खेती के नाम पर केवल तम्बाकू उगाना आता था। जिसकी वजह से परिवार का खर्च ठीक से नहीं चल रहा था। घर के खर्च ठीक से न चलने के कारण परिवार भी नाराज रहने लगा। साथ ही शादी के नौ साल बाद भी राजकुमारी देवी की गोद सूनी थी। जिसकी वजह उनको बहुत अत्याचार झेलने पड़े। यहां तक कि इन्हें घर से निकाला दिया गया। लेकिन राजकुमारी देवी ने हार नहीं मानी। 


 
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किसी प्रकार दुख झेलते हुए इन्होंने खुद खेती करना शुरू किया और जो भी उपज हुई उससे अचार और मुरब्बे बनाये। मगर कोई भी इन उत्पाद को बेचने के लिए तैयार नहीं हुआ तो राजकुमारी ने खुद साइकिल चलानी सीखी और इनको बेचने लगीं।

 

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- फोटो : social media
अपने बने हुए उत्पादों को बेचने निकलीं राजकुमारी देवी को लगा कि अगर इस पर और अच्छे ढंग से काम किया जाय तो बेहतर मूल्य मिल सकता है।  इसके लिए वे पूसा कृषि विश्वविद्यालय पहुंची और खेती तथा फूड प्रोसेसिंग का बाकायदा प्रशिक्षण लिया। वहां उन्हें खेती में उन चीजों को उगाने का आइडिया मिला जो जल्दी उग जाए और पूरा फायदा दे। इसलिए उन्होंने पपीता जैसी फसल पर काम किया। अचार-मुरब्बे आदि से जब उन्हें अच्छी इनकम हुई और काम बढा तो राजकुमारी देवी ने अनेक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर अपने साथ मिला लिया और उनको सफलता मिलती चली गयी।

 
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- फोटो : social media
सबसे पहले लालू यादव जी ने सरैया मेले में उनको वर्ष 2003 में सम्मानित किया। इसके बाद नीतीश कुमार ने वर्ष 2007 में 'किसानश्री' से सम्मानित किया। ये पुरुस्कार पहली बार किसी महिला को मिला था। इस तरह लोग उनको 'किसान चाची' कहने लगे। उनके काम से प्रभावित होकर अमिताभ बच्चन के एक शो में भी राजकुमारी को आमंत्रित किया गया था। जहां शो के बाद उनको एक आटा चक्की 5 लाख रुपये और साड़ियां उपहार स्वरूप मिलीं।
 


 
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किसान चाची
राजकुमारी देवी जी आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं कभी अकेली खेतों में काम करने वाली महिला आज हज़ारों को उनके पैरों पर खड़ा कर रही है,सरकार ऐसे लोगों को ऋण अनुदान देने के लिए पूरी तरह तत्पर है बस ईमानदारी और इच्छाशक्ति की जरूरत है
 
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