फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीरियड्स को लेकर दिमाग से निकाल दें ये भ्रम, हर लड़की होती है इन गलतफहमियों का शिकार

Wed, 15 Jan 2020 05:38 PM IST
सारंग उपाध्याय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
मासिक चक्र की शुरुआत लड़कियों में करीब 10 से 15 साल की उम्र से शुरू हो जाती है। - फोटो : Amar Ujala
महिलाओं के लिए पीरियड्स सामान्य और प्राकृतिक हैं। मासिक चक्र की शुरुआत लड़कियों में करीब 10 से 15 साल की उम्र से शुरू हो जाती है। इस दौरान लड़कियों को बेहद सावधानी से रहना होता है। पीरियड्स प्राकृतिक हैं महिलाओं के शरीर के लिए जरूरी भी हैं। कई बार महिलाएं इसके बारे में बात करने से हिचकती नजर आती हैं। हालांकि बदलते समय, जागरूकता और कामकाजी जीवन में  होने के चलते महिलाएं मासिक धर्म और उसकी समस्याओं को खुलकर बताने लगी हैं। दरअसल, कम जानकारी और अशिक्षा ने महिलाओं में मासिक चक्र को लेकर कई तरह के भ्रम पैदा किए हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स को लेकर आमतौर पर महिलाओं में किन चीजों का भ्रम फैलता है।
विज्ञापन

2 of 7
मासिक धर्म की अनियमितता को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। - फोटो : फाइल फोटो
कुछ महिलाओं को लगता है, पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से वो गर्भवती नहीं हो सकती। लेकिन ऐसा नहीं है उस दौरान भी संबंध बनाते वक्त बचाव अपनाने चाहिए। इस संबंध में बेहतर होगा कि वे एक बार अपनी डॉक्टर से सलाह भी लें। 
विज्ञापन

3 of 7
यदि पीरियड्स में परेशानी ज्यादा होती है तो भी डॉक्टर से सलाह जरूर लें। - फोटो : फाइल फोटो
डॉक्टरों के मुताबिक कई बार ओवेलेयूशन नियमित समय पर नहीं आता है। ऐसे में आप चाहे तो चाहे तो अपने बर्डी में स्पर्म फर्टिलाइज कर सकते हैं।

4 of 7
पीरियड्स के दौरान तनाव और चिड़चिड़ापन भी सामान्य बात है। - फोटो : social media
अनिमियत
कई बार पीरियड्स अनियमित  हो जाते है। इसमें कई बार पीरियड्स का मिस होना भी होता है। इन सबके दौरान आपके स्वभाव में भी बदलाव आ जाता है। जैसे तनाव और चिड़चिड़ापन हो जाता है। देखा जाए तो कई बार पीरियड्स का अनियमित होना सामान्य होता है लेकिन यदि बार-बार ऐसा हो तो एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाएं। 
विज्ञापन

5 of 7
किशोरावस्था में पीरियड्स का अनियमित होना सामान्य बात है। - फोटो : सोशल मीडिया
किशोरावस्था में पीरियड्स का अनियमित होना सामान्य बात है। शुरुआती दिनों में कई बार महीने में दो बार भी आ जाता है, तो वहीं कई बार दो महीने तक पीरियड्स नहीं आते हैं। इसमें परेशान होने वाली कोई बात नहीं है। एक समय के बाद ठीक हो जाता है। लेकिन एक विवाहित महिला के साथ ऐसा होता है तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 
 
विज्ञापन

6 of 7
मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। - फोटो : सोशल मीडिया
पीरियड्स को लेकर एक मिथक यह भी हैं कि महिलाएं अशुद्ध हो जाती हैं। लेकिन शारारिक संरचना के हिसाब से ऐसा होना महिलाओं के शरीर का साफ होना होता है। दरअसल, ये एक नैचुरल प्रॉसेस है जिसमें अनफर्टिलाइज्ड एग बॉडी से बाहर निकलते हैं। इसे बिल्कुल सामान्य मानें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
पीरियड्स के दौरान अनफर्टिलाइज्ड एग बॉडी से बाहर निकलते हैं। यह सामान्य है। - फोटो : सोशल मीडिया
इस बात का ध्यान रखें कि पीरियड्स के मिस होने का मतलब यह नहीं है कि वो प्रेग्नेंट है। दरअसल, ऐसा बिल्कुल नहीं है बल्कि  स्ट्रेस, खराब डाइट और हॉर्मोनल चेंजेस के कारण मासिक धर्म में अनियमितता होती है। 

नोटः यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। यदि किसी बीमारी के पशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें