उन्होंने हार नहीं मानी। बच्चों का पेट पालने के लिए चेन्नई के मरीना बीच पर पेट्रीसिया ठेला लगाने लगीं। पूरा दिन बीच पर ठेला लगाने के बाद उन्हें महज 50 रुपये में मिलते थे। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करते करते एक समय ऐसा आया जब उनकी कमाई 25 हजार रुपये तक होने लही।
पेट्रीसिया के बिजनेसवुमन बनने का सफर
इसके बाद पेट्रीसिया ने स्लम क्लीयरेंस बोर्ड और नेशनल मैनेजमेंट ट्रेनिंग स्कूल में कैंटीन चलाने का काम शुरू की। इस काम से वह हर हफ्ते एक लाख रुपये तक कमा लेती थीं। इस दौरान बेटी की शादी भी धूमधाम से की लेकिन बाद में बेटी और दामाद की एक दुर्घटना में मौत हो गई। पेट्रीसिया बेटी की मौत से टूट सी गई थीं, लेकिन इस बार उनका साथ देने के लिए बेटा था। बेटे ने पेट्रीसिया को संभाला। इसके बाद दो कर्मचारियों के साथ मिलकर पेट्रीसिया ने बेटी के नाम पर 'संदीपा' रेस्टोरेंट की शुरुआत की। रेस्त्रां बिजनेस सफर हुआ, आज इसके 14 आउटलेट्स हैं और 200 से ज्यादा कर्मचारी इसका हिस्सा हैं।